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पेट्रोल डीजल की कीमतें: क्रूड ऑयल बाजार में मंदी के बीच क्या आपके शहर में बदले ईंधन के दाम, जानिए शनिवार का लेटेस्ट रेट
पेट्रोल डीजल की कीमतें: क्रूड ऑयल बाजार में मंदी के बीच क्या आपके शहर में बदले ईंधन के दाम, जानिए शनिवार का लेटेस्ट रेट

पेट्रोल डीजल की कीमतें: क्रूड ऑयल बाजार में मंदी के बीच क्या आपके शहर में बदले ईंधन के दाम, जानिए शनिवार का लेटेस्ट रेट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और सुलह के संकेतों के बीच ग्लोबल ऑयल मार्केट अचानक धड़ाम हो गया है। शुक्रवार को इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड का भाव तीन फीसदी से ज्यादा टूटकर दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इस भारी गिरावट के बाद आम जनता को उम्मीद थी कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन भारतीय सरकारी तेल कंपनियों (Oil PSUs) ने आज शनिवार, 13 जून 2026 को भी ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश भर के महानगरों और प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम पुराने स्तर पर ही स्थिर बने हुए हैं। आम उपभोक्ताओं की जेब पर इसका क्या असर पड़ रहा है और आपके शहर का ताजा रेट क्या है, आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं।

क्रूड ऑयल मार्केट में भारी मंदी: दो महीने के निचले स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और तेहरान की तरफ से आए सकारात्मक राजनीतिक संकेतों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव अब शांत हो सकता है। इस सुलह के आसार का सीधा असर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट पर पड़ा और कच्चे तेल की कीमतें अचानक नीचे आ गईं।

शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 3.37 फीसदी यानी 3.05 डॉलर प्रति बैरल घटकर 87.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह पिछले दो महीनों में कच्चे तेल का सबसे न्यूनतम स्तर है। इसी तरह अमेरिकी बाजार में डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड का दाम भी 3.23 फीसदी की कमजोरी के साथ 84.88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि इस भारी मंदी का फायदा अभी भारतीय खुदरा उपभोक्ताओं को मिलता नहीं दिख रहा है क्योंकि घरेलू स्तर पर रेट जस के तस बने हुए हैं।

पेट्रोल डीजल की कीमतें: क्रूड ऑयल बाजार में मंदी के बीच क्या आपके शहर में बदले ईंधन के दाम, जानिए शनिवार का लेटेस्ट रेट
पेट्रोल डीजल की कीमतें: क्रूड ऑयल बाजार में मंदी के बीच क्या आपके शहर में बदले ईंधन के दाम, जानिए शनिवार का लेटेस्ट रेट

घरेलू बाजार का हाल: 25 मई के बाद से नहीं बदले दाम

भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में आखिरी बार बड़ा बदलाव पिछले महीने देखने को मिला था। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए थे। सरकारी तेल कंपनियों ने इस बढ़ोतरी का सिलसिला 15 मई 2026 से शुरू किया था जब पहली बार में ही पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया था।

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इसके बाद लगातार 19 मई, 23 मई और 25 मई को कीमतों में भारी वृद्धि की गई। इन चार किस्तों में हुई बढ़ोतरी के बाद से यानी बीते 25 मई के बाद से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के रेट पूरी तरह से स्थिर हैं। तेल कंपनियों के इस कदम से भले ही कीमतें और नहीं बढ़ी हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई ताजा मंदी के बावजूद दाम कम न होने से उपभोक्ताओं को कोई राहत भी नहीं मिली है।

चारों महानगरों और प्रमुख शहरों के ताजा रेट

देश के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स और वैट (VAT) की दरों में अंतर होने के कारण हर शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के पुराने रेट पर ही बिक रहा है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ईंधन के दाम सबसे ऊंचे स्तरों में से एक पर बने हुए हैं।

नीचे दिए गए डेटा चार्ट के माध्यम से आप देश के सभी प्रमुख शहरों और महानगरों में 13 जून 2026 के पेट्रोल और डीजल के लाइव रेट देख सकते हैं:

शहर का नामपेट्रोल का भाव (रुपये प्रति लीटर)डीजल का भाव (रुपये प्रति लीटर)
दिल्ली102.1295.20
कोलकाता113.5199.82
मुंबई111.2197.83
चेन्नई107.7799.55
नोएडा102.1297.56
चंडीगढ़101.5189.47
लखनऊ101.8995.36
पटना113.3799.36
रांची105.26100.49
भोपाल114.5799.64

तेल कंपनियों के घाटे और ईरान युद्ध का गणित

भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल के दामों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई हो, लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से देखें तो क्रूड ऑयल अब भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण पिछले कुछ समय में कच्चा तेल करीब 50 फीसदी तक महंगा हो चुका है। इस लगातार बनी हुई महंगाई के कारण भारतीय तेल विपणन कंपनियों को घरेलू बाजार में कम कीमत पर ईंधन बेचने के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक वित्तीय अनुमान के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची लागत और घरेलू कीमतों में आनुपातिक बढ़ोतरी न होने की वजह से सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना पेट्रोल, डीजल, एलपीजी (LPG) और जेट फ्यूल पर करीब 750 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ रहा है। यही मुख्य कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक दिन की बड़ी गिरावट के बावजूद कंपनियां तुरंत खुदरा कीमतों में कटौती करने से बच रही हैं।

अपने शहर का डेली रेट घर बैठे कैसे चेक करें?

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। यदि आप हर दिन अपने शहर के पेट्रोल और डीजल के सटीक दाम जानना चाहते हैं, तो आप केवल एक एसएमएस (SMS) के जरिए आसानी से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

  • इंडियन ऑयल (IOCL): अपने मोबाइल से RSP <स्पेस> शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजें।
  • भारत पेट्रोलियम (BPCL): अपने मोबाइल से RSP <स्पेस> शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर भेजें।
  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): अपने मोबाइल से HPPRICE <स्पेस> शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर भेजें।
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निष्कर्ष

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में आई 3 प्रतिशत की गिरावट ने भारतीय बाजार में कीमतों के कम होने की उम्मीदें जरूर जगाई हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों के मौजूदा वित्तीय घाटे और पिछले महीनों के संचित नुकसान को देखते हुए फिलहाल खुदरा कीमतों में राहत नहीं मिली है। पश्चिम एशिया के राजनीतिक घटनाक्रमों और ब्रेंट क्रूड की चाल पर आने वाले दिनों में भारतीय ईंधन बाजार की दिशा निर्भर करेगी। तब तक उपभोक्ताओं को देश के प्रमुख शहरों में स्थिर लेकिन ऊंचे दामों पर ही ईंधन खरीदना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिरने के बाद भी भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं हो रहा है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिरने के बावजूद भारतीय तेल कंपनियां तुरंत कीमतें इसलिए कम नहीं कर रही हैं क्योंकि पिछले महीनों में ईरान संकट और वैश्विक तनाव के कारण कच्चा तेल 50% तक महंगा हो चुका था। उस दौरान कंपनियों ने घरेलू बाजार में कीमतें उतनी नहीं बढ़ाई थीं, जिससे उन्हें रोजाना करीब 750 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो रहा था। तेल कंपनियां वर्तमान में उसी पुराने घाटे की भरपाई कर रही हैं, जिसके कारण खुदरा दरों में कटौती रुकी हुई है।

भारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों होता है?

भारत के विभिन्न राज्यों में ईंधन की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT) या स्थानीय बिक्री कर है। हर राज्य सरकार अपनी वित्तीय नीतियों के अनुसार पेट्रोल और डीजल पर अलग-अलग दरों से टैक्स वसूलती है। इसके अलावा, तेल रिफाइनरी से पेट्रोल पंपों की दूरी और परिवहन लागत (Freight Charges) अलग होने के कारण भी शहरों के बीच प्रति लीटर कीमतों में कुछ रुपयों का अंतर आ जाता है।

क्या वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की मंदी आने वाले समय में भारतीय बाजार को प्रभावित करेगी?

यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में गिरावट का यह दौर लंबे समय तक जारी रहता है और पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह समाप्त हो जाता है, तो भारतीय तेल कंपनियों का दैनिक घाटा कम हो जाएगा। एक बार कंपनियों का वित्तीय संतुलन ठीक होने के बाद, सरकारी तेल विपणन कंपनियां आने वाले हफ्तों में आम जनता के लिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती का फैसला ले सकती हैं।

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पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें हर दिन किस समय लागू होती हैं और इन्हें कौन तय करता है?

भारत में ईंधन की नई कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे से लागू की जाती हैं। साल 2017 से लागू डेली डायनेमिक प्राइसिंग मैकेनिज्म के तहत अब सरकार सीधे तौर पर कीमतें तय नहीं करती है। सरकारी तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की पिछले 15 दिनों की औसत कीमत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर के आधार पर रोजाना इन कीमतों की समीक्षा कर इन्हें निर्धारित करती हैं।

पिछले मई महीने में विधानसभा चुनाव के बाद तेल कंपनियों ने कितनी बार और कितनी बढ़ोतरी की थी?

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार में कीमतों में भारी बढ़ोतरी की थी। इसकी शुरुआत 15 मई को पेट्रोल पर 3 रुपये और डीजल पर 3.29 रुपये बढ़ाकर हुई थी। इसके बाद 19 मई, 23 मई और आखिरी बार 25 मई को बड़ी वृद्धि की गई थी। इन चार संशोधनों के जरिए ईंधन को काफी महंगा कर दिया गया था और 25 मई के बाद से आज तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।

ज्ञान परीक्षा (MCQ Quiz)

Q1. 13 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव कितने प्रतिशत से अधिक टूटा है?

A) 1 प्रतिशत

B) 2 प्रतिशत

C) 3 प्रतिशत

D) 5 प्रतिशत

सही उत्तर: C) 3 प्रतिशत

Q2. दिल्ली में वर्तमान में प्रति लीटर पेट्रोल की खुदरा कीमत क्या है?

A) 111.21 रुपये

B) 102.12 रुपये

|C) 113.51 रुपये

D) 107.77 रुपये

सही उत्तर: B) 102.12 रुपये

Q3. कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियों को प्रतिदिन अनुमानित कितना घाटा हो रहा है?

A) 500 करोड़ रुपये

B) 600 करोड़ रुपये

C) 750 करोड़ रुपये

D) 900 करोड़ रुपये

सही उत्तर: C) 750 करोड़ रुपये

Q4. घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार किस तारीख को बदलाव किया गया था?

A) 15 मई 2026

B) 19 मई 2026

C) 23 मई 2026

D) 25 मई 2026

सही उत्तर: D) 25 मई 2026

Q5. इंडियन ऑयल के उपभोक्ता अपने शहर का रोज का रेट जानने के लिए किस नंबर पर एसएमएस (SMS) भेज सकते हैं?

A) 9223112222

B) 9224992249

C) 9222201122

D) 9111222333

सही उत्तर: B) 9224992249

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