मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और काला सागर में शिपिंग संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं। क्रूड ऑयल में आए इस अचानक उछाल ने आम जनता के दिल की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि ईंधन महंगा होने से सीधा असर आपकी रसोई और मासिक बजट पर पड़ता है। तेल विपणन कंपनियों ने 22 जुलाई के लिए पेट्रोल, डीजल, एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) के नए रेट जारी कर दिए हैं। इस विस्तृत रिपोर्ट में जानिए कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के बीच देश के प्रमुख राज्यों और प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें क्या हैं और क्या निकट भविष्य में महंगाई का नया झटका लगने वाला है।
क्रूड ऑयल में उबाल और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर
वैश्विक ऊर्जा बाजार में इस समय अत्यधिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री मालदीव व व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बाधित हुई है। इसके साथ ही काला सागर (Black Sea) क्षेत्र में भी शिपिंग संकट गहरा गया है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की प्रति बैरल कीमत $91 के पार पहुंचकर $100 के मनोवैज्ञानिक स्तर को छूने की ओर अग्रसर है।
ऐतिहासिक रूप से जब भी कच्चे तेल के दाम में इतनी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, घरेलू बाजार में इसका असर ईंधन दरों के पुनरीक्षण के रूप में देखा गया है। पिछली बार जब क्रूड ऑयल के दाम में इसी प्रकार का उछाल आया था, तब सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.50-7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी की थी। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर 89 रुपये महंगा हुआ था जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 1500 रुपये के पार चली गई थीं। वर्तमान परिस्थितियों में ऊर्जा विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि क्रूड की कीमतें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रहीं, तो रिटेल ईंधन दरों पर दबाव बनना तय है।

पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट: प्रमुख शहरों का पूरा हाल
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल राहत की बात यह है कि पेट्रोल और डीजल के बुनियादी रेट में कोई तात्कालिक बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले मूल्य संवर्धित कर (VAT) और स्थानीय मालभाड़ा शुल्कों के कारण विभिन्न शहरों में कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में कर संरचना के कारण पेट्रोल का दाम 114 रुपये के स्तर को पार कर चुका है।
भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की दरें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (रुपये/लीटर) | डीजल की कीमत (रुपये/लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| लखनऊ | 102.05 | 99.28 |
| अयोध्या | 102.40 | 99.27 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| जयपुर | 112.66 | 97.78 |
| पटना | 112.70 | 99.87 |
| भोपाल | 114.65 | 99.74 |
| इंदौर | 114.61 | 99.70 |
सीएनजी (CNG) की कीमतें: दिल्ली-एनसीआर से यूपी और राजस्थान तक का रेट कार्ड
सवारी वाहनों और वाणिज्यिक परिवहन चालकों के लिए सीएनजी की दरें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हाल ही में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा दरों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि किए जाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में सीएनजी की कीमतों में अंतर काफी बढ़ गया है।
दिल्ली में इस समय देश की सबसे सस्ती सीएनजी मिल रही है, जहां इसकी दर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम है। इसके विपरीत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सीएनजी 90 रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर चुकी है।
राज्यवार सीएनजी की प्रमुख दरें
- उत्तर प्रदेश: कानपुर, हमीरपुर और फतेहपुर में सीएनजी की कीमत सबसे अधिक 94.42 रुपये प्रति किलोग्राम है। हापुड़ में यह 92.70 रुपये, जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में 91.70 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। मेरठ और मुजफ्फरनगर में इसका भाव 91.58 रुपये है।
- राजस्थान: अजमेर, पाली और राजसमंद में सीएनजी की खुदरा दर 92.44 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है।
- हरियाणा: कैथल में 88.43 रुपये, गुरुग्राम में 88.12 रुपये, रेवाड़ी में 87.70 रुपये तथा करनाल में 87.43 रुपये प्रति किलोग्राम की दर तय की गई है।
एलपीजी (LPG) सिलेंडर की दरें: घरेलू और कमर्शियल गैस का अंतर
रसोई गैस यानी एलपीजी की दरों में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन क्षेत्रीय आधार पर परिवहन लागत के चलते अलग-अलग राज्यों में कीमतों में बड़ा अंतर है। बिहार की राजधानी पटना में घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के सिलेंडरों की कीमतें दिल्ली के मुकाबले काफी अधिक हैं।
इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नए आंकड़ों के अनुसार, पटना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर दिल्ली से लगभग 90 रुपये अधिक महंगा है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के मामले में यह अंतर करीब 297 रुपये का है।
एलपीजी सिलेंडर की शहरवार दरें
| शहर | घरेलू सिलेंडर 14.2 किग्रा (रुपये में) | कमर्शियल सिलेंडर 19 किग्रा (रुपये में) |
| दिल्ली | ~941.50 | ~2930.00 |
| पटना | 1031.50 | 3227.00 |
| लखनऊ | 979.50 | 3052.50 |
| रांची | 999.50 | 3131.00 |
क्या आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी?
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और ऊर्जा विश्लेषकों की रिपोर्ट आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता बढ़ाने वाली है। वैश्विक ब्रोकर्स और गोल्डमैन सैक्स जैसी अग्रणी संस्थाओं की चेतावनियों के अनुसार, यदि मध्य पूर्व और लाल सागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है।
भारत अपनी घरेलू कच्चे तेल की जरूरत का 85% से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 से 10 डॉलर प्रति बैरल का उछाल भी भारतीय तेल कंपनियों के रिफाइनिंग मार्जिन को प्रभावित करता है। यद्यपि सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों को स्थिर रखने का हरसंभव प्रयास कर रही हैं, लेकिन यदि कच्चे तेल का भाव $100 प्रति बैरल से ऊपर लगातार बना रहता है, तो निकट भविष्य में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडरों के दामों में चरणबद्ध वृद्धि देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
कच्चे तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच भारतीय ईंधन कंपनियों ने आज के लिए पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की दरों को स्थिर रखकर आम जनता को बड़ी फौरी राहत दी है। हालांकि, दिल्ली के 102.12 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल से लेकर भोपाल के 114.65 रुपये तक की विविधता यह स्पष्ट करती है कि स्थानीय करों के कारण हर राज्य में जेब पर बोझ अलग-अलग है। आने वाले हफ्तों में वैश्विक परिस्थितियां कैसी रहती हैं, इसी पर निर्भर करेगा कि देश में ईंधन और महंगा होगा या मौजूदा राहत बरकरार रहेगी।
