अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में एक बार फिर अचानक भारी उछाल देखने को मिला है। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों के दाम ढाई फीसदी तक ऊपर चढ़ गए हैं। इस वैश्विक तेजी के बाद भारतीय आम उपभोक्ताओं के मन में यह बड़ी चिंता पैदा हो गई थी कि क्या आज सुबह से देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ जाएंगे। भारत में ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी होती हैं। इस लेख के माध्यम से आप जान पाएंगे कि आज 8 जून 2026 को भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के क्या भाव तय किए हैं और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल में आई इस तेजी का घरेलू बाजार पर क्या असर पड़ रहा है।
कच्चे तेल में भारी उछाल के बावजूद घरेलू कीमतों में राहत
ग्लोबल मार्केट में पिछले सप्ताहांत कच्चे तेल की कीमतों में जो गिरावट देखी गई थी, वह नए हफ्ते की शुरुआत होते ही तेजी में बदल गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव लगभग ढाई फीसदी की बढ़त के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में आई इस अचानक तेजी के बावजूद भारतीय सरकारी तेल कंपनियों (Oil PSUs) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। घरेलू बाजार में सोमवार, 8 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों ने आज भी ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उबलने का यह सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।

चुनाव के बाद 11 दिनों में 4 बार बढ़े थे दाम
भले ही आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन हालिया इतिहास पर नजर डालें तो देश में ईंधन के दाम पहले ही काफी बढ़ चुके हैं। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद ही पेट्रोलियम कंपनियों ने कीमतों में संशोधन करना शुरू कर दिया था। तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी की थी।
कंपनियों ने सबसे पहली बढ़ोतरी 15 मई 2026 को की थी, जब पेट्रोल सीधे 3 रुपये और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया था। इसके ठीक बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ। इसके बाद भी राहत नहीं मिली और 23 मई 2026 को एक बार फिर पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों को बढ़ाने का यह सिलसिला यही नहीं रुका, तेल कंपनियों ने 25 मई 2026 को चौथी बार पेट्रोल को 2.61 रुपये और डीजल को 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया था। 25 मई की इस आखिरी बढ़ोतरी के बाद से घरेलू बाजार में कीमतें लगातार स्थिर बनी हुई हैं।
चार प्रमुख महानगरों में ईंधन का ताजा हाल
देश के चारों मुख्य महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस समय अपने उच्चतम स्तरों के आसपास बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल का भाव 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां ईंधन की कीमतें हमेशा से अन्य शहरों की तुलना में अधिक रहती हैं। मुंबई में आज पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 99.82 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। वहीं, दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में आज पेट्रोल की कीमत 107.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 99.55 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु जैसे शहरों में तो पेट्रोल 110 रुपये और डीजल 98 रुपये के पार बना हुआ है।
तेल कंपनियों को रोजाना हो रहा है करोड़ों का नुकसान
एक तरफ जहां घरेलू बाजार में आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ देश की सरकारी तेल कंपनियों पर इसका भारी वित्तीय दबाव पड़ रहा है। वित्तीय विश्लेषकों और बाजार के अनुमानों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के महंगे होने और घरेलू बाजार में कीमतें न बढ़ाए जाने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। तेल कंपनियों को रोजाना पेट्रोल, डीजल, एलपीजी (LPG) और जेट फ्यूल (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की बिक्री पर करीब 750 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हाल ही में ईरान युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की शुरुआत होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है, जिससे भारतीय तेल कंपनियों का मार्जिन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के आज के भाव
भारतीय तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, आज 8 जून 2026 को देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल का भाव (रुपये प्रति लीटर) | डीजल का भाव (रुपये प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का ताजा ग्राफ
वैश्विक कमोडिटी मार्केट में इस हफ्ते की शुरुआत काफी धमाकेदार और तेज रही है। सोमवार को शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान ही वैश्विक मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दामों में जोरदार तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड का भाव 2.51 फीसदी यानी 2.34 डॉलर प्रति बैरल की उछाल के साथ 96.43 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता हुआ नजर आया। इससे पिछले सत्र में यानी बीते शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय यह 93.09 डॉलर प्रति बैरल पर था। इसी तरह अमेरिकी बाजार के मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) के दाम में भी 2.34 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है और यह 92.66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इंडियन बास्केट क्रूड के दाम में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और यह 100.10 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
घर बैठे अपने शहर का रोज का रेट कैसे चेक करें
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। टैक्स, स्थानीय सेस और वैट (VAT) की दरों के अलग-अलग होने के कारण हर शहर में इसका भाव अलग होता है। आप अपने मोबाइल से केवल एक SMS भेजकर भी रोज का ताजा रेट आसानी से चेक कर सकते हैं:
- इंडियन ऑयल (IOCL): इसके ग्राहकों को अपने मोबाइल से ‘RSP’ लिखने के बाद एक स्पेस देना होगा और फिर अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजना होगा।
- भारत पेट्रोलियम (BPCL): इसके उपभोक्ताओं को अपने मैसेज बॉक्स में ‘RSP’ लिखकर स्पेस देना होगा और अपने शहर का डीलर कोड लिखकर इसे 9223112222 पर सेंड करना होगा।
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): इसके ग्राहकों को ‘HPPRICE’ लिखने के बाद स्पेस देकर अपने शहर का कोड लिखना होगा और इसे 9222201122 नंबर पर एसएमएस करना होगा।
निष्कर्ष
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में मची उथल-पुथल और ब्रेंट क्रूड के 96 डॉलर के पार जाने के बाद भी भारतीय बाजार में आज शांति बनी हुई है। देश की सरकारी तेल कंपनियों ने आज 8 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल के दामों को पूरी तरह स्थिर रखकर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। हालांकि, कंपनियों को हो रहा 750 करोड़ रुपये का दैनिक घाटा यह संकेत देता है कि यह राहत बहुत लंबे समय तक नहीं टिक सकती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यदि ईरान संकट और कच्चे तेल का उबाल इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को एक बार फिर से कीमतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।
पीपल आल्सो आस्क (FAQs)
आज 8 जून 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में कितना बदलाव हुआ है?
आज 8 जून 2026 को भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में ढाई फीसदी तक की भारी तेजी आने के बावजूद घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें पूरी तरह से स्थिर रखी गई हैं, जिससे आम जनता को राहत मिली है।
देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में आज पेट्रोल का क्या भाव है?
आज दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है। वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल का भाव 111.21 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 113.51 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 107.77 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। स्थानीय टैक्स और वैट के कारण अलग-अलग राज्यों में यह दरें भिन्न होती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक तेजी क्यों आ रही है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध की स्थिति है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चा तेल करीब 50 फीसदी तक महंगा हो चुका है। आज ब्रेंट क्रूड का भाव 2.51% बढ़कर 96.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारतीय तेल कंपनियों पर क्या असर पड़ रहा है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने और घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने के कारण भारतीय सरकारी तेल कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, तेल कंपनियों को वर्तमान में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल पर रोजाना करीब 750 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है।
चुनाव के बाद मई के महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कितनी बार बढ़ोतरी हुई थी?
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद 11 दिनों के भीतर सरकारी तेल कंपनियों ने कुल चार बार कीमतों में बढ़ोतरी की थी। यह बढ़ोतरी 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई 2026 को की गई थी, जिसके बाद से अब तक देश में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
इंटरएक्टिव नॉलेज चेक (MCQ Quiz)
Q1. आज 8 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव लगभग कितने डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है?
A) 80.50 डॉलर
B) 85.20 डॉलर
C) 96.43 डॉलर
D) 110.15 डॉलर
सही उत्तर: C) 96.43 डॉलर
Q2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने के कारण भारतीय तेल कंपनियों को रोजाना लगभग कितने करोड़ का घाटा हो रहा है?
A) 200 करोड़ रुपये
B) 500 करोड़ रुपये
C) 750 करोड़ रुपये
D) 1000 करोड़ रुपये
सही उत्तर: C) 750 करोड़ रुपये
Q3. दिल्ली में आज 8 जून 2026 को डीजल का प्रति लीटर खुदरा भाव क्या तय किया गया है?
A) 89.47 रुपये
B) 95.20 रुपये
C) 97.83 रुपये
D) 99.36 रुपये
सही उत्तर: B) 95.20 रुपये
Q4. भारतीय तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल के नए संशोधित दाम रोजाना सुबह कितने बजे जारी किए जाते हैं?
A) सुबह 5 बजे
B) सुबह 6 बजे
C) सुबह 8 बजे
D) रात 12 बजे
सही उत्तर: B) सुबह 6 बजे
Q5. किस वैश्विक संकट या युद्ध के शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है?
A) रूस-यूक्रेन संकट
B) ईरान युद्ध
C) लीबिया संकट
D) वेनेजुएला संकट
सही उत्तर: B) ईरान युद्ध
