वैश्विक बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला लगातार जारी है। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर जारी भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने आज यानी मंगलवार, 2 जून 2026 को देश में पेट्रोल और डीजल की नई दरें घोषित कर दी हैं। आम जनता जो लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान है, वह सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी जेब का हाल देखने के लिए ईंधन के दामों पर नजर टिका देती है। आज के ताजा अपडेट के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देते हुए आज कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इस लेख में आप देश के प्रमुख शहरों के ताजा दाम और क्रूड ऑयल मार्केट का पूरा गणित विस्तार से समझेंगे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का हाल और भारतीय कंपनियों पर दबाव
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के मोर्चे पर मिश्रित संकेत देखने को मिल रहे हैं जो भारतीय बाजार को सीधे प्रभावित करते हैं। एक ओर जहां इंडियन बॉस्केट क्रूड के दाम में 0.92 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और यह गिरकर 96.60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई है, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड सुबह के शुरुआती कारोबार में 94.96 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसके साथ ही डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.00 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
भले ही वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में यह आंशिक नरमी दिख रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बीते कुछ समय में कच्चे तेल में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। ईरान युद्ध की शुरुआत होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल करीब 50 फीसदी तक महंगा हो चुका है। इस भारी तेजी के कारण देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में क्रूड ऑयल की उच्च कीमतों की वजह से इन तेल कंपनियों को प्रतिदिन पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल की बिक्री पर लगभग 750 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के पूर्व बयान के अनुसार, हालिया चार चरणों की मूल्य वृद्धि से पहले यह दैनिक घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।

हालिया दिनों में हुआ तगड़ा इजाफा: 11 दिनों में 4 बार बढ़े दाम
भले ही आज देश में तेल की कीमतें स्थिर रखी गई हों, लेकिन हाल के दिनों का इतिहास देखें तो उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने ताबड़तोड़ तरीके से महज 11 दिनों के भीतर चार बार ईंधन के दामों में बढ़ोतरी की थी। इस मूल्य वृद्धि के सिलसिले की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई थी, जब पहली बार में ही पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया था।
इसके बाद राहत की सांस लेने का मौका भी नहीं मिला कि 19 मई को दोबारा पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे का इजाफा किया गया। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका; 23 मई को फिर से ठीक इसी अनुपात में यानी पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिया गया। इसके बाद अंतिम झटका 25 मई 2026 को लगा, जब तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये और डीजल के दाम में 2.71 रुपये प्रति लीटर की एक और भारी बढ़ोतरी कर दी। इन चार चरणों की लगातार वृद्धि ने देश के कई हिस्सों में तेल की कीमतों को ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।
देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में आज का ताजा भाव
यदि आप आज अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने की सोच रहे हैं, तो यह बेहद जरूरी है कि आप अपने शहर के सटीक दाम पहले ही जान लें। आज दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के विभिन्न कोनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें किस स्तर पर टिकी हुई हैं, इसकी पूरी सूची नीचे दी गई है। इस आंकड़े से साफ है कि भोपाल जैसे शहरों में पेट्रोल 114 रुपये के पार जा चुका है, जबकि मध्य प्रदेश की राजधानी में डीजल भी शतक लगाने के बेहद करीब है।
| शहर का नाम | पेट्रोल का भाव (रुपये प्रति लीटर) | डीजल का भाव (रुपये प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
अपने शहर का डेली रेट घर बैठे एसएमएस से कैसे चेक करें?
भारत में पेट्रोल और डीजल के संशोधित दाम हर रोज सुबह 6 बजे देशव्यापी स्तर पर लागू कर दिए जाते हैं। यदि आपके शहर का नाम ऊपर दी गई सूची में शामिल नहीं है, या आप रोज सुबह घर से निकलने से पहले सटीक रेट जानना चाहते हैं, तो आप केवल एक साधारण एसएमएस भेजकर पूरी जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकते हैं। देश की तीनों प्रमुख तेल कंपनियों ने इसके लिए अलग-अलग नंबर और फॉर्मेट जारी किए हैं:
- इंडियन ऑयल (IOCL): यदि आप इंडियन ऑयल के आउटलेट से ईंधन खरीदते हैं, तो अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं और RSP <स्पेस> अपने शहर का कोड टाइप करके उसे 9224992249 पर भेज दें।
- भारत पेट्रोलियम (BPCL): बीपीसीएल के ग्राहकों को अपने फोन से RSP <स्पेस> अपने शहर का कोड लिखना होगा और इस मैसेज को 9231122222 पर फॉरवर्ड करना होगा।
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): एचपीसीएल के उपभोक्ता अपने शहर का रेट जानने के लिए HPPRICE <स्पेस> अपने शहर का कोड टाइप करके 9222201122 नंबर पर एसएमएस भेज सकते हैं।
यह त्वरित सुविधा आपको बिना किसी परेशानी के सीधे तेल कंपनियों के सर्वर से जुड़ी वास्तविक और लाइव कीमतें प्रदान करती है, जिससे आपको किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति और भारी मुनाफे का विरोधाभास
एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और घरेलू बाजार में लागत के मुकाबले कम दाम पर बिक्री के चलते तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 750 करोड़ रुपये का भारी नुकसान होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इन कंपनियों के सालाना वित्तीय नतीजे कुछ अलग ही कहानी बयां करते हैं। आधिकारिक वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में देश की शीर्ष तीन सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम—ने मिलकर कुल 77,821 करोड़ रुपये का बंपर मुनाफा दर्ज किया था। यही कारण है कि आम जनता और विशेषज्ञों के बीच अक्सर यह बहस छिड़ती है कि जब कंपनियां इतने बड़े मुनाफे में चल रही हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी भी तेजी आने पर उसका पूरा बोझ तुरंत घरेलू उपभोक्ताओं की जेब पर क्यों डाल दिया जाता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 2 जून 2026 को भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि तेल की कीमतों में कोई नया इजाफा नहीं हुआ है। हालांकि, पिछले 11 दिनों के भीतर जो चार बार दाम बढ़ाए गए हैं, उसकी मार से जनता अब भी उबर नहीं पाई है। दिल्ली में जहां पेट्रोल 102 रुपये के पार बना हुआ है, वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल और बिहार के पटना जैसे शहरों में यह 113 से 114 रुपये प्रति लीटर के डरावने स्तर पर बिक रहा है। वैश्विक मोर्चे पर ईरान युद्ध के कारण उपजे तनाव और कच्चे तेल में आने वाले किसी भी बड़े उछाल पर आगामी दिनों में भारतीय तेल कंपनियों की कड़ी नजर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड के दाम फिर से भड़कते हैं, तो आने वाले समय में घरेलू बाजार में एक बार फिर तेल की कीमतों में आग लग सकती है।
People Also Ask (FAQs)
आज 2 जून 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल का क्या रेट है?
आज यानी 2 जून 2026 को भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और भोपाल में यह सबसे महंगे स्तरों में से एक यानी 114.57 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
हाल ही में पेट्रोल-डीजल के दामों में कितनी बार बढ़ोतरी की गई है?
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार अलग-अलग चरणों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए हैं। इस मूल्य वृद्धि की शुरुआत 15 मई को हुई थी, जिसके बाद 19 मई, 23 मई और 25 मई को भी कीमतें बढ़ाई गईं, जिससे आम जनता पर महंगाई का भारी बोझ पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने से तेल कंपनियों को कितना नुकसान हो रहा है?
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चा तेल करीब 50 फीसदी तक महंगा हो चुका है। इस वजह से देश की सरकारी तेल कंपनियों को वर्तमान में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल की बिक्री पर हर दिन करीब 750 करोड़ रुपये का भारी घाटा उठाना पड़ रहा है, जो पहले 1,000 करोड़ रुपये प्रतिदिन था।
घर बैठे अपने शहर के पेट्रोल और डीजल के दाम कैसे चेक कर सकते हैं?
आप अपने मोबाइल से एक साधारण एसएमएस भेजकर रोज सुबह अपने शहर का ताजा रेट जान सकते हैं। इंडियन ऑयल के लिए RSP <स्पेस> शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजें। बीपीसीएल के लिए यही मैसेज 9231122222 पर और एचपीसीएल के लिए HPPRICE <स्पेस> शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर एसएमएस भेजें।
पिछले साल देश की सरकारी तेल कंपनियों को कितना कुल मुनाफा हुआ था?
दैनिक परिचालन में घाटे के दावों के बीच, पिछले वित्तीय वर्ष में भारत की तीनों बड़ी सरकारी तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम) का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था। इन तीनों कंपनियों ने सामूहिक रूप से पिछले साल कुल 77,821 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज किया था।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
Q1. 2 जून 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की प्रति लीटर कीमत क्या है?
A) 95.20 रुपये
B) 102.12 रुपये
C) 111.21 रुपये
D) 114.57 रुपये
Correct Answer: B
Q2. चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने कितने दिनों में 4 बार दाम बढ़ाए?
A) 5 दिनों में
B) 11 दिनों में
C) 15 दिनों में
D) 20 दिनों में
Correct Answer: B
Q3. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक बाजार में कच्चा तेल लगभग कितने प्रतिशत महंगा हो चुका है?
A) 10 प्रतिशत
B) 25 प्रतिशत
C) 50 प्रतिशत
D) 75 प्रतिशत
Correct Answer: C
Q4. वर्तमान में कच्चे तेल की उच्च कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियों को रोजाना कितना घाटा हो रहा है?
A) 500 करोड़ रुपये
B) 750 करोड़ रुपये
C) 1,000 करोड़ रुपये
D) 1,200 करोड़ रुपये
Correct Answer: B
Q5. हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का दैनिक रेट एसएमएस से जानने के लिए किस कोड का उपयोग करना होता है?
A) RSP
B) IOCPRICE
C) HPPRICE
D) FUELRATE
Correct Answer: C
