अंतरराष्ट्रीय बाजार से आम जनता के लिए राहत की एक बड़ी खबर आ रही है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने भारतीय बाजार में भी हलचल मचा दी है। स्विटजरलैंड में चल रही अहम कूटनीतिक बातचीत के बीच कच्चे तेल के दामों में यह बड़ी नरमी देखने को मिली है। आइए जानते हैं कि इस वैश्विक बदलाव का आपकी जेब पर क्या असर पड़ा है और आज देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल किस भाव पर बिक रहा है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ा धमाका
ग्लोबल ऑयल मार्केट में आज सुबह एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। स्विटजरलैंड के बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सार्थक और सकारात्मक बातचीत के बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय की ओर से एक बड़ी घोषणा की गई है। अमेरिका ने ईरानी क्रूड खरीदने पर दो महीने की विशेष छूट दे दी है। इस फैसले की आधिकारिक घोषणा अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की।
इस बड़ी कूटनीतिक छूट का असर यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ गई। मंगलवार सुबह करीब छह बजे स्टैंडर्ड माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड ऑयल 3.31 फीसदी यानी 2.67 डॉलर प्रति बैरल घटकर 77.90 डॉलर पर ट्रेड करता हुआ देखा गया। दूसरी तरफ, डब्ल्यूटीआई क्रूड में 0.46 फीसदी की आंशिक तेजी रही और यह 74.28 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहा।

भारतीय तेल कंपनियों ने आज सुबह जारी किए नए दाम
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के टूटने के बावजूद भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी घरेलू बाजार में राहत की निरंतरता बनाए रखी है। भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने मंगलवार को भी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश में पिछले महीने यानी 25 मई के बाद से लगातार ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
हालांकि, मई के महीने में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होते ही तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार कीमतें बढ़ाकर आम जनता पर बोझ डाला था। कंपनियों ने सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 रुपये महंगा किया था। इसके बाद 19 मई, 23 मई और आखिरी बार 25 मई को कीमतें बढ़ाई गई थीं, जिसके बाद से आम उपभोक्ताओं को कीमतों में स्थिरता का सामना करना पड़ रहा है।
आपके शहर में आज का पेट्रोल और डीजल का लाइव रेट
देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय करों और वैट की दरों में अंतर होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। आज देश के चारों महानगरों समेत प्रमुख शहरों के ताजा दाम इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल का भाव (रुपये प्रति लीटर) | डीजल का भाव (रुपये प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
आखिर कब घटेंगे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम?
कच्चा तेल सस्ता होने के बाद अब हर किसी के मन में यही सवाल है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कब कम होंगी। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस पर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचेगा, तब कीमतों में कटौती पर विचार किया जा सकता है।
वर्तमान में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां ऊंचे दामों पर खरीदे गए पुराने कच्चे तेल के स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं की जेब तक पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा क्योंकि रिफाइनरियों के पास अभी महंगे क्रूड का पुराना स्टॉक मौजूद है।
भारी घाटे से जूझ रही हैं सरकारी तेल कंपनियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव और घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखने के कारण भारतीय तेल कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को वर्तमान में हर लीटर पेट्रोल की बिक्री पर लगभग 30 रुपये और हर लीटर डीजल की बिक्री पर करीब 27 रुपये का शुद्ध घाटा हो रहा है।
इस भारी अंडर-रिकवरी के कारण तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 600 करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालांकि, यह स्थिति पिछले महीने के मुकाबले थोड़ी बेहतर है, जब 18 मई को तेल कंपनियों का दैनिक घाटा 750 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
घर बैठे सिर्फ एक SMS से ऐसे जानें अपने शहर का ताजा भाव
यदि आप रोजाना सुबह अपने शहर के पेट्रोल और डीजल के सटीक दाम जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों ने इसके लिए एक बेहद आसान एसएमएस सेवा शुरू की है। इसके लिए आपको नीचे दिए गए तरीकों को अपनाना होगा:
- इंडियन ऑयल (IOCL): अपने मोबाइल से RSP स्पेस [अपने शहर का कोड] लिखकर 9224992249 पर भेजें।
- भारत पेट्रोलियम (BPCL): अपने मोबाइल से RSP स्पेस [अपने शहर का कोड] लिखकर 9231122222 पर भेजें।
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): अपने मोबाइल से HPPRICE स्पेस [अपने शहर का कोड] लिखकर 9222201122 पर भेजें।
यह मैसेज भेजते ही आपके फोन पर कुछ ही सेकंड में आपके शहर के ईंधन की सटीक और नवीनतम कीमत भेज दी जाएगी।
निष्कर्ष
वैश्विक कूटनीति और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सामंजस्य ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार को बड़ी राहत दी है, जिससे ब्रेंट क्रूड में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियां अभी भी पुराने महंगे स्टॉक और संचित घाटे से जूझ रही हैं, जिसके कारण घरेलू बाजार में आज कीमतें स्थिर रखी गई हैं। आने वाले दिनों में यदि कच्चा तेल इसी तरह नरम बना रहता है, तो भारतीय रिफाइनरियों में नया स्टॉक आते ही आम जनता को खुदरा कीमतों में बड़ी कटौती का तोहफा मिल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत अचानक कम क्यों हुई?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच स्विटजरलैंड के बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में हुई सकारात्मक बातचीत है। इसके बाद अमेरिका ने ईरान से कच्चा तेल खरीदने पर दो महीने की विशेष छूट देने का ऐलान किया, जिससे बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 3 प्रतिशत से ज्यादा टूट गईं।
कच्चे तेल की कीमत घटने के बाद भी भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
भारतीय तेल विपणन कंपनियों के पास अभी भी पहले का खरीदा हुआ महंगा कच्चा तेल स्टॉक में मौजूद है, जिसे वर्तमान में रिफाइन किया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार से कम कीमत पर खरीदा गया नया कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचेगा और पुराना स्टॉक खत्म होगा, तभी खुदरा कीमतों में कटौती की जाएगी।
वर्तमान में भारतीय तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचने पर कितना घाटा हो रहा है?
पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची लागत और घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को वर्तमान में पेट्रोल पर प्रति लीटर 30 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 27 रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें रोजाना करीब 600 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।
भारत के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग क्यों होती हैं?
भारत में ईंधन की मूल कीमत पर केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाया जाता है, जिसके बाद प्रत्येक राज्य सरकार अपनी सुविधानुसार इस पर अलग-अलग दर से मूल्य वर्धित कर (VAT) और स्थानीय उपकर लगाती हैं। राज्यों के टैक्स ढांचे और परिवहन लागत में अंतर होने के कारण ही अलग-अलग शहरों में दरें अलग होती हैं।
पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें रोजाना किस समय लागू की जाती हैं?
देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों की समीक्षा करने के बाद रोजाना सुबह 6:00 बजे पेट्रोल और डीजल के नए संशोधित दाम जारी करती हैं, जिन्हें तुरंत देश भर के पेट्रोल पंपों पर लागू कर दिया जाता है।
ईंधन ज्ञान परीक्षा (MCQ Quiz)
Q1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में किस देश को क्रूड ऑयल खरीदने पर दो महीने की अमेरिकी छूट मिली है?
A) रूस
B) ईरान
C) इराक
D) साउदी अरब
सही उत्तर: B) ईरान
Q2. 23 जून 2026 को सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल में कितने प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई?
A) 1.5%
B) 2.1%
C) 3.31%
D) 5.0%
सही उत्तर: C) 3.31%
Q3. वर्तमान में भारतीय तेल कंपनियों को रोजाना कुल कितना वित्तीय नुकसान (घाटा) हो रहा है?
A) 300 करोड़ रुपये
B) 450 करोड़ रुपये
C) 600 करोड़ रुपये
D) 750 करोड़ रुपये
सही उत्तर: C) 600 करोड़ रुपये
Q4. सरकारी तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल की बिक्री पर वर्तमान में कितने रुपये का घाटा हो रहा है?
A) 20 रुपये
B) 24 रुपये
C) 27 रुपये
D) 30 रुपये
सही उत्तर: C) 27 रुपये
Q5. रोज़ाना सुबह भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें किस समय अपडेट की जाती हैं?
A) रात 12:00 बजे
B) सुबह 5:00 बजे
C) सुबह 6:00 बजे
D) दोपहर 12:00 बजे
सही उत्तर: C) सुबह 6:00 बजे

