अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने वालों की लगी लॉटरी: रिकॉर्ड हाई से ₹23,982 सस्ता हुआ गोल्ड, चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट
अक्षय तृतीया का पावन पर्व और सोने की कीमतों में भारी गिरावट—यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। अगर आप भी इस शुभ अवसर पर आभूषण या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। पिछले कुछ समय से आसमान छूती सोने और चांदी की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी थी, लेकिन हालिया आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि रिकॉर्ड हाई की तुलना में सोना और चांदी कितने सस्ते हुए हैं और आज बाजार में लेटेस्ट रेट क्या चल रहे हैं।
सोने की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट: क्या है पूरा मामला?
भारतीय सर्राफा बाजार में अक्षय तृतीया 2026 के मौके पर निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत भरी खबर आई है। आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (Record High) से ₹23,982 प्रति 10 ग्राम तक टूट चुकी है। आपको बता दें कि इसी साल 29 जनवरी 2026 को सोने ने ₹1,75,430 प्रति 10 ग्राम का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। वहीं, वर्तमान में यह गिरकर ₹1,51,358 के स्तर पर आ गया है।
चांदी की बात करें तो यहाँ गिरावट और भी अधिक चौंकाने वाली है। चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड हाई से ₹1,32,058 प्रति किलोग्राम की बड़ी कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार को बाजार बंद होने तक चांदी ₹2,47,930 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

अक्षय तृतीया पर विभिन्न शुद्धता वाले सोने के ताजा भाव
इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, बाजार में अलग-अलग कैरेट के सोने की कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:
| सोने की शुद्धता | ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम) |
| 24 कैरेट गोल्ड | ₹1,51,358 |
| 23 कैरेट गोल्ड | ₹1,50,752 |
| 22 कैरेट गोल्ड | ₹1,38,644 |
| 18 कैरेट गोल्ड | ₹1,13,519 |
| 14 कैरेट गोल्ड | ₹88,544 |
| चांदी (प्रति किलो) | ₹2,47,930 |
बाजार में क्यों आई यह गिरावट? मुख्य कारणों का विश्लेषण
सोने और चांदी की कीमतों में इस स्थिरता और गिरावट के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय कारण जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि युद्ध के हालात सोने को महंगा करते हैं, लेकिन वर्तमान में बड़े निवेशकों द्वारा की गई “मुनाफावसूली” (Profit Booking) ने कीमतों पर दबाव बनाया है।
इसके अलावा, अप्रैल के महीने में निवेशकों के सेंटिमेंट में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। किसी दिन सकारात्मक खबर बाजार को ऊपर ले जाती है, तो अगले ही दिन वैश्विक आर्थिक आंकड़ों के दबाव में कीमतें नीचे आ जाती हैं। यही कारण है कि इस साल अक्षय तृतीया पर सोना अपने पीक से काफी नीचे उपलब्ध है।
अप्रैल महीने का रिपोर्ट कार्ड: क्या सोना वाकई सस्ता है?
यदि हम 1 अप्रैल 2026 से तुलना करें, तो सोने की कीमतों में बहुत अधिक बदलाव नहीं आया है। 1 अप्रैल को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,853 था, जो अब ₹1,51,358 है। यानी महीने की शुरुआत से इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अगर आप जनवरी के रिकॉर्ड हाई से तुलना करें, तो यह खरीदारी का सबसे सुनहरा मौका है। वहीं चांदी 1 अप्रैल के मुकाबले लगभग ₹8,094 महंगी हुई है।
निष्कर्ष
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना भारतीय परंपरा में समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। रिकॉर्ड हाई से सोने का ₹23,982 और चांदी का ₹1.32 लाख सस्ता होना उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो लंबे समय से कीमतों के गिरने का इंतजार कर रहे थे। बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए निवेश के लिहाज से यह एक अच्छा स्तर हो सकता है।
People Also Ask (FAQs)
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों शुभ माना जाता है?
अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खरीदी गई कोई भी वस्तु “अक्षय” यानी कभी न समाप्त होने वाली होती है। सोना सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है, इसलिए लोग इस दिन निवेश करना पसंद करते हैं ताकि उनके घर में बरकत बनी रहे।
रिकॉर्ड हाई से सोने की कीमतों में कितनी गिरावट आई है?
29 जनवरी 2026 को सोने ने ₹1,75,430 प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड बनाया था। वर्तमान में अक्षय तृतीया के मौके पर यह गिरकर ₹1,51,358 के करीब है। इस प्रकार, सोने की कीमतों में कुल ₹23,982 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
क्या अभी सोना खरीदना सही समय है या कीमतें और गिरेंगी?
बाजार में वर्तमान गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितता के कारण है। चूंकि सोना अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे है, इसलिए मध्यम से लंबी अवधि के निवेश के लिए यह एक अनुकूल समय हो सकता है। हालांकि, बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए सोच-समझकर निवेश करें।
22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव में क्या अंतर है?
24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से सिक्कों और बार के लिए किया जाता है। वहीं 22 कैरेट सोने में 91.6% सोना और बाकी अन्य धातुएं होती हैं, जिसका उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है। आभूषणों के लिए 22 कैरेट गोल्ड ही सबसे उपयुक्त माना जाता है।
चांदी की कीमतों में आई गिरावट का खरीदारों पर क्या असर होगा?
चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से ₹1.32 लाख प्रति किलो सस्ती हुई है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन खबर है जो चांदी के बर्तन, सिक्के या बड़े आभूषण खरीदना चाहते हैं। औद्योगिक मांग और निवेश दोनों ही दृष्टि से चांदी में आई यह गिरावट खरीदारों को आकर्षित कर रही है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
Q1. 29 जनवरी 2026 को सोने का रिकॉर्ड हाई भाव क्या था?
A) ₹1,51,358
B) ₹1,75,430
C) ₹1,60,000
D) ₹1,20,000
Correct Answer: B
Q2. अक्षय तृतीया पर चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग कितनी सस्ती हुई है?
A) ₹50,000
B) ₹2 लाख
C) ₹1.32 लाख
D) ₹10,000
Correct Answer: C
Q3. आभूषण बनाने के लिए आमतौर पर कितने कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है?
A) 24 कैरेट
B) 18 कैरेट
C) 22 कैरेट
D) 14 कैरेट
Correct Answer: C
Q4. सोने की कीमतों में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है?
A) नई खदानों की खोज
B) मुनाफावसूली (Profit Booking)
C) मांग में कमी
D) सरकार द्वारा टैक्स हटाना
Correct Answer: B
Q5. भारत में सोने और चांदी की कीमतों के आंकड़े मुख्य रूप से कौन जारी करता है?
A) RBI
B) SEBI
C) IBJA (Indian Bullions ज्वैलर्स एसोसिएशन)
D) वित्त मंत्रालय
Correct Answer: C
