यूपी में कल 24 जनवरी 2026 को होगी भारी बारिश या कड़ाके की ठंड? अगले 10 दिनों के मौसम का सबसे सटीक हाल यहाँ जानें
क्या आप भी कल 24 जनवरी 2026 की अपनी यात्रा या किसी विशेष कार्य को लेकर चिंतित हैं और सोच रहे हैं कि क्या मौसम आपका साथ देगा? उत्तर प्रदेश में जनवरी का महीना अक्सर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ नजर आ रहा है। यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या कल बारिश होगी या फिर शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा, क्योंकि एक गलत अनुमान आपकी दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर सकता है। इस विस्तृत लेख में, हम आपको न केवल कल के मौसम का सटीक पूर्वानुमान देंगे, बल्कि अगले 10 दिनों तक उत्तर प्रदेश के मौसम में होने वाले उतार-चढ़ाव, तापमान और बारिश की संभावनाओं का भी गहरा विश्लेषण करेंगे। यह जानकारी भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम आंकड़ों और पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियों पर आधारित है।
24 जनवरी 2026 का मौसम
उत्तर प्रदेश में 24 जनवरी 2026 का मौसम बेहद अनिश्चितता भरा रहने वाला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में मौसम में भारी बदलाव देखा जा सकता है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कल का दिन धूप-छांव के खेल के साथ शुरू हो सकता है, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान में काले बादलों का डेरा जमने की प्रबल संभावना है।

अगर हम बारिश की बात करें, तो 24 जनवरी को पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और गाजियाबाद में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। यह बारिश बेमौसम नहीं है, बल्कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का मैदानी इलाकों पर सीधा असर है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य यूपी (जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन भारी बारिश की संभावना पश्चिमी हिस्से की तुलना में कम है। हवाओं में नमी बढ़ने से ठंड का अहसास दोगुना हो जाएगा, जिसे ‘गलन’ वाली ठंड कहा जाता है।
पश्चिमी विक्षोभ और शीतलहर का संयुक्त प्रभाव
जनवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम का यह बदलाव एक चक्रीय प्रक्रिया का हिस्सा है। जब भी पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, मैदानी इलाकों में इसका असर दो से तीन दिनों के भीतर दिखाई देने लगता है। 24 जनवरी को हवा की दिशा मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी रहेगी, जो अपने साथ बर्फीली ठंडक लेकर आएगी। इसके साथ ही, अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं बादलों का निर्माण करेंगी।
इस समय सबसे बड़ी चुनौती ‘कोहरा’ (Fog) है। बारिश या बूंदाबांदी होने के बाद वातावरण में नमी का स्तर 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसका सीधा परिणाम यह होगा कि 24 जनवरी की रात और 25 जनवरी की सुबह घना कोहरा छा सकता है। यह कोहरा दृश्यता (Visibility) को 50 मीटर से भी कम कर सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित होगा। इसलिए, यदि आप हाईवे पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की इस स्थिति को ध्यान में रखना अनिवार्य है।
अगले 10 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (25 जनवरी से 3 फरवरी तक)
मौसम का मिजाज केवल कल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अगले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश को कई मौसमी बदलावों से गुजरना पड़ेगा। 25 जनवरी से मौसम फिर करवट लेगा। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, आसमान साफ होने लगेगा। लेकिन, आसमान साफ होते ही ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बन सकती है। अगले 10 दिनों के पैटर्न को समझना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
25 जनवरी से 28 जनवरी के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में भयंकर शीतलहर चलने की संभावना है। जब बादल छंट जाते हैं, तो धरती की गर्मी तेजी से वायुमंडल में चली जाती है, जिससे रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) तेजी से गिरता है। इन दिनों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। 29 जनवरी के आसपास एक और हल्का विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो तापमान में मामूली बढ़ोतरी करेगा, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी। फरवरी की शुरुआत यानी 1 से 3 फरवरी तक धूप खिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे दिन में राहत मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम की ठंडक बरकरार रहेगी।
किसानों के लिए मौसम की चेतावनी और सलाह
यह समय रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं, सरसों और आलू के लिए अत्यंत संवेदनशील है। 24 जनवरी को होने वाली संभावित बारिश गेहूं की फसल के लिए ‘अमृत’ समान हो सकती है, क्योंकि इससे प्राकृतिक सिंचाई मिलेगी और दाने मोटे होंगे। हालांकि, जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई गई है, वहां सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है।
कृषि वैज्ञानिकों का सुझाव है कि अगले 10 दिनों में सिंचाई करते समय मौसम का ध्यान रखें। यदि बारिश की संभावना है, तो सिंचाई रोक दें। पाले (Frost) से आलू और टमाटर की फसल को बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें या खेतों के किनारे धुआं करें। अगले 10 दिनों में तापमान में गिरावट से पाला पड़ने की संभावना बढ़ जाती है, जो सब्जियों की फसल को झुलसा सकता है। किसानों को मौसम विभाग के एसएमएस अलर्ट पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान और बारिश का तुलनात्मक विश्लेषण
नीचे दी गई तालिका में 24 जनवरी 2026 और आने वाले सप्ताह के लिए यूपी के प्रमुख शहरों के अनुमानित मौसम का विवरण दिया गया है:
| शहर का नाम | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | बारिश की संभावना | मौसम की स्थिति |
| लखनऊ | 18°C | 7°C | 20% | बादल छाए रहेंगे, हल्की बूंदें |
| नोएडा/गाजियाबाद | 16°C | 6°C | 60% | रुक-रुक कर बारिश, ठंडी हवाएं |
| कानपुर | 19°C | 6°C | 15% | घना कोहरा, बाद में धूप |
| वाराणसी | 20°C | 8°C | 10% | आंशिक बादल, शुष्क ठंड |
| आगरा | 17°C | 5°C | 40% | बूंदाबांदी, शीतलहर |
| मेरठ | 15°C | 4°C | 75% | मध्यम बारिश, कड़ाके की ठंड |
स्वास्थ्य और सुरक्षा: बदलते मौसम में क्या करें?
मौसम में अचानक आए बदलाव का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। बारिश और ठंड का मिश्रण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों को न्योता देता है। 24 जनवरी को बारिश होने से वातावरण में ठंडक बढ़ जाएगी। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
अगले 10 दिनों तक सुबह के समय मॉर्निंग वॉक पर जाने से बचें, क्योंकि सुबह का प्रदूषण स्तर और कोहरा फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकता है। गर्म पानी का सेवन करें और शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढक कर रखें। अगर आप दुपहिया वाहन चलाते हैं, तो हेलमेट और विंड चीटर का उपयोग जरूर करें, क्योंकि ठंडी हवा सीधे छाती पर असर कर सकती है, जिससे निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स का प्रयोग करें और गति सीमा के भीतर रहें।
निष्कर्ष
अंत में, यह स्पष्ट है कि 24 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश, विशेषकर पश्चिमी यूपी में मौसम बारिश और बादलों के साथ करवट लेगा। पूर्वी यूपी में ठंड और कोहरे का प्रकोप बना रहेगा। अगले 10 दिनों तक आपको कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यह मौसम फसलों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा, जहां गेहूं को फायदा होगा वहीं सरसों को नुकसान का डर है। मौसम की इस अनिश्चितता के बीच, अपनी यात्रा और दिनचर्या को पहले से प्लान करना ही समझदारी है। हमेशा मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें और सुरक्षित रहें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या 24 जनवरी को लखनऊ में भारी बारिश होने की संभावना है?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 24 जनवरी को लखनऊ में भारी बारिश की संभावना कम है। हालांकि, आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ का असर लखनऊ तक आते-आते थोड़ा कमजोर पड़ सकता है, लेकिन ठंडी हवाएं और गलन बरकरार रहेगी। छाता साथ रखना एक समझदारी भरा निर्णय होगा।
2. उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर कब तक जारी रहेगी?
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। 24 जनवरी की बारिश या बादलों के हटने के बाद, 25 जनवरी से बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में चलेंगी। अगले 10 दिनों तक, यानी फरवरी के पहले सप्ताह तक, सुबह और रात के समय घने कोहरे और शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की प्रबल संभावना है।
3. क्या कोहरे के कारण अगले 10 दिनों में ट्रेन और फ्लाइट्स लेट हो सकती हैं?
जी हां, अगले 10 दिनों में कोहरे (Fog) का असर यातायात पर बहुत अधिक पड़ने वाला है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से घना कोहरा छाएगा, जिससे दृश्यता (Visibility) शून्य तक जा सकती है। इससे ट्रेनों का संचालन घंटों विलंबित हो सकता है और उड़ानों को डायवर्ट या रद्द किया जा सकता है। यात्रा से पहले स्टेटस चेक जरूर करें।
4. किसानों को इस बारिश और ठंड में अपनी फसलों को कैसे बचाना चाहिए?
अगर बारिश होती है, तो किसानों को गेहूं की फसल में सिंचाई रोक देनी चाहिए। सरसों और आलू की फसल को पाले (Frost) से बचाने के लिए सतर्क रहना होगा। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि खेत में उचित जल निकासी की व्यवस्था रखें ताकि बारिश का पानी जमा न हो, जिससे जड़ों को सड़ने से बचाया जा सके।
5. क्या 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर मौसम साफ रहेगा या बारिश होगी?
26 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने की उम्मीद है। पूर्वानुमान के अनुसार, 26 जनवरी को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह के समय घना कोहरा हो सकता है। दिन में हल्की धूप निकलने की संभावना है, जिससे गणतंत्र दिवस के समारोहों में बड़ी बाधा नहीं आएगी, लेकिन ठंड काफी तेज रहेगी।
इंटरैक्टिव नॉलेज चेक (MCQ Quiz)
Q1. 24 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के किस हिस्से में बारिश की सबसे अधिक संभावना है?
Option A: पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, गोरखपुर)
Option B: पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, नोएडा)
Option C: बुंदेलखंड
Option D: केवल लखनऊ में
Correct Answer: Option B
Q2. बारिश के बाद अगले कुछ दिनों में मौसम में क्या प्रमुख बदलाव आएगा?
Option A: लू (Heatwave) चलेगी
Option B: तापमान 30 डिग्री से ऊपर जाएगा
Option C: घना कोहरा और शीतलहर बढ़ेगी
Option D: मौसम पूरी तरह उमस भरा होगा
Correct Answer: Option C
Q3. रबी की कौन सी फसल के लिए हल्की बारिश फायदेमंद मानी जाती है?
Option A: धान
Option B: गेहूं
Option C: कपास
Option D: मक्का
Correct Answer: Option B
Q4. मौसम में बदलाव लाने वाले ‘पश्चिमी विक्षोभ’ का असर आम तौर पर कितने दिनों बाद मैदानी इलाकों में दिखता है?
Option A: 10 दिन बाद
Option B: 1 महीने बाद
Option C: 2-3 दिनों के भीतर
Option D: कोई असर नहीं होता
Correct Answer: Option C
Q5. कोहरे (Fog) के कारण दृश्यता कम होने पर हाईवे पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
Option A: तेज गति से गाड़ी चलाना
Option B: फॉग लाइट्स का उपयोग करना और गति धीमी रखना
Option C: हाई बीम पर लाइट रखना
Option D: गाड़ी सड़क के बीच में रोकना
Correct Answer: Option B

