मौसम के बदलते मिजाज ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अगर आप भी आज घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो रुकिए! पूर्वांचल और पूर्वी यूपी के आसमान पर एक खतरनाक साइक्लोनिक सिस्टम यानी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो चुका है, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तबाही की बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
उत्तर प्रदेश के निचले क्षोभमंडल (Lower Troposphere) में बने इस चक्रवाती प्रभाव के कारण मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 15 प्रमुख जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेन्ज अलर्ट जारी कर दिया है। इस विस्तृत रिपोर्ट में जानिए कि किन-किन शहरों में आफत बरसने वाली है और आने वाले दिनों में आपके इलाके का मौसम कैसा रहेगा।

पूर्वी यूपी पर चक्रवातीय हवाओं का घेरा: क्यों अचानक बदला मौसम?
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) का मजबूत प्रभाव बन गया है। इसके साथ ही, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण मानसूनी हवाएं तेजी से यूपी की ओर नमी खींच रही हैं।
हालांकि मानसूनी ट्रफलाइन का पश्चिमी हिस्सा हिमालय की तराई (अमृतसर, पटियाला, बरेली) की ओर खिसक गया है, लेकिन इसका पूर्वी हिस्सा वाराणसी और जमशेदपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। इस दोहरे मौसमी सिस्टम के चलते पूरे पूर्वांचल और मध्य यूपी में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है।
15 जिलों में अलर्ट जारी: ऑरेन्ज और यलो अलर्ट वाले शहरों की सूची
मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश को दो हिस्सों में बांटकर अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज और आसपास के इलाकों में जहां ऑरेन्ज अलर्ट है, वहीं कई जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है।
ऑरेन्ज अलर्ट वाले जिले (अत्यधिक सतर्कता की जरूरत)
- प्रयागराज
- सोनभद्र
- मिर्जापुर
- चंदौली
यलो अलर्ट वाले जिले (भारी बारिश की संभावना)
- वाराणसी, जौनपुर, संत रविदास नगर (भदोही)
- बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर
- हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर
यूपी बारिश अलर्ट: जिलावार श्रेणी और चेतावनी
| जिला / क्षेत्र | अलर्ट की श्रेणी | संभावित मौसमी स्थिति | जनजीवन पर असर |
| प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली | ऑरेन्ज अलर्ट | मूसलाधार बारिश, गरज-चमक | निचले इलाकों में जलभराव, बिजली बाधित |
| वाराणसी, जौनपुर, भदोही | यलो अलर्ट | मध्यम से भारी बारिश | सड़कों पर यातायात धीमा, जलजमाव |
| झांसी, ललितपुर, महोबा | यलो अलर्ट | तेज हवाओं के साथ बारिश | कच्चे मकानों को नुकसान की आशंका |
| लखनऊ व आसपास | सामान्य से मध्यम अलर्ट | रुक-रुक कर बारिश | जलभराव और ट्रैफिक जाम |
राजधानी लखनऊ से वाराणसी तक आफत की बारिश, थमे रफ्तार के पहिये
रविवार देर शाम से शुरू हुई बारिश ने प्रदेश के कई बड़े शहरों की प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। राजधानी लखनऊ में कुछ ही घंटों की बारिश ने नगर निगम और ड्रेनेज सिस्टम के दावों को बहा दिया।
- लखनऊ की स्थिति: शहर के पॉश इलाकों जैसे इंदिरानगर (सेक्टर-17), शिवाजीपुरम, भूतनाथ मार्केट और आशियाना में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। भूतनाथ मार्केट में दुकानों के अंदर पानी घुसने से व्यापारियों का भारी नुकसान हुआ। सुशांत गोल्फ सिटी, शहीद पथ और लुलु व प्लासियो मॉल के आसपास जलभराव के कारण घंटों भीषण जाम लगा रहा।
- अन्य शहरों का हाल: रविवार को सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे के बीच इटावा में 31 मिमी, प्रयागराज में 29.4 मिमी और कानपुर आईएएफ में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई। गोरखपुर और शाहजहांपुर में भी मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहा।
पूर्वांचल में अभी जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर
मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ने वाला निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 24 से 48 घंटों में उत्तरी ओडिशा से होते हुए पश्चिमी दिशा में बढ़ेगा। इसके प्रभाव से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिलों में आगामी तीन से चार दिनों तक रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों ने आम जनता को आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले में न जाने, जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

