अगले 12 घंटे देश के 14 से अधिक राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील साबित होने वाले हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मजबूत चक्रवाती तंत्र के कारण मानसून अत्यधिक सक्रिय हो गया है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी, बिहार और राजस्थान तक मूसलाधार बारिश और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।
14 राज्यों में चेतावनी: IMD ने जारी किया रेड और ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) ने पूरे देश में मानसूनी हवाओं को प्रचंड बना दिया है। इस बदलाव के कारण मैदान से लेकर पहाड़ों तक भारी जलभराव और भूस्खलन की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

प्रमुख प्रभावित राज्य
- उत्तर भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड।
- मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा।
- पश्चिम भारत: महाराष्ट्र और गुजरात।
मुख्य शहरों के तापमान और मौसम का हाल
मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। नीचे दिए गए डेटा चार्ट से आप प्रमुख शहरों के तापमान और संभावित मौसमी बदलाव को समझ सकते हैं:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मौसम का पूर्वानुमान |
| दिल्ली (NCR) | 36 | 29 | गर्जन के साथ तेज बारिश व आंधी |
| लखनऊ (UP) | 32 | 28 | 60 किमी/घंटा की हवाएं और बारिश |
| पटना (बिहार) | 34 | 29 | तेज आंधी और भारी जलभराव की आशंका |
| भोपाल (MP) | 27 | 24 | मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं |
| जयपुर (राजस्थान) | 32 | 26 | भीषण बारिश और अंधड़ की चेतावनी |
| शिमला (HP) | 20 | 15 | बारिश और भूस्खलन का खतरा |
दिल्ली, यूपी और बिहार में आंधी-तूफान का प्रकोप
राजधानी दिल्ली में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं। दोपहर बाद 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत 20 से अधिक जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। वहीं, बिहार के पटना, गया, औरंगाबाद और भागलपुर में भारी बिजली कड़कने और आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की चेतावनी और सावधानी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा काफी बढ़ गया है। कुल्लू, मनाली, शिमला, और चमोली जैसे क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। तटीय राज्यों के मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह जारी की गई है।

