स्लीपर कोच में बेडरोल, तकिया और कंबल सर्विस: कितने रुपये देने होंगे? पूरी जानकारी यहां पढ़ें
भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नए-नए कदम उठाता रहता है। अब AC कोच की तरह स्लीपर कोच में भी यात्रियों को ऑन-डिमांड बेडरोल सर्विस मिलने जा रही है। इस नई सर्विस के तहत यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से चादर, तकिया और कंबल ले सकेंगे—वह भी किफायती कीमतों पर और पूरी तरह सैनिटाइज्ड।
यह बदलाव लाखों स्लीपर क्लास यात्रियों के लिए सफर को अधिक आरामदायक बनाने वाला साबित होगा। आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि नई सुविधा कब से मिलेगी, कितने रुपये देने होंगे, किन ट्रेनों में उपलब्ध होगी, और इससे यात्रियों को क्या फायदे होंगे।
अगर आप अक्सर स्लीपर कोच में यात्रा करते हैं, तो आपको पता होगा कि ठंड, लंबा सफर या आरामदायक नींद की जरूरत के कारण एक साफ चादर या मुलायम तकिया न होने पर यात्रा कितनी मुश्किल हो सकती है। लोग अपने बैग में बेडरोल भरकर ले जाते हैं, जिससे सामान भारी हो जाता है। वहीं अचानक जरूरत पड़ने पर कुछ मिलने की सुविधा मौजूद नहीं थी।
इसी समस्या को समझते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब स्लीपर क्लास के यात्री भी आसानी से साफ-सुथरा, नई तरह से सैनिटाइज्ड बेडरोल ऑन-डिमांड मांग सकेंगे। इस लेख में आप जानेंगे कि बेडशीट, तकिया और कंबल के लिए आपको कितना खर्च करना होगा, कौन-सी ट्रेनों में यह सुविधा मिल रही है, और यह बदलाव आपके सफर को कैसे आरामदायक बनाएगा।
नई सुविधा की शुरुआत: कब से मिलेगा बेडरोल?
दक्षिण रेलवे के चेन्नई डिविजन ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2026 से स्लीपर क्लास में बेडरोल सर्विस उपलब्ध हो जाएगी। शुरुआत में यह सुविधा कुछ चुनिंदा ट्रेनों में लागू की जाएगी, जहां यात्री यात्रा के दौरान अटेंडेंट से ऑन-डिमांड बेडरोल प्राप्त कर सकेंगे।
यह सुविधा पहले 2023-24 में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाई गई थी, और यात्रियों का रिस्पांस बेहद अच्छा आया। रिस्पॉन्स को देखते हुए रेलवे ने इसे स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया।

स्लीपर कोच में बेडरोल की जरूरत क्यों?
स्लीपर कोच में यात्रा के दौरान यात्रियों को अक्सर:
- ठंड के मौसम में कंबल की कमी
- लंबी दूरी में आरामदायक नींद की कमी
- भारी बेडरोल लेकर चलने की मजबूरी
- सफाई और सैनिटाइजेशन की चिंता
जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब यह सुविधा यात्रियों को राहत देगी और सफर ज्यादा आरामदायक बनेगा।
बेडरोल, तकिया और कंबल की कीमत क्या होगी?
भारतीय रेलवे ने इस सेवा को सभी यात्रियों की पहुंच में रखने के लिए कीमतें बेहद किफायती रखी हैं।
रेलवे द्वारा जारी चार्ज लिस्ट:
| आइटम | चार्ज (रुपये में) |
|---|---|
| एक बेडशीट | 20 रुपये |
| एक तकिया + तकिया कवर | 30 रुपये |
| बेडशीट + तकिया + कवर (किट) | 50 रुपये |
यह कीमतें अन्य निजी सेवाओं की तुलना में काफी सस्ती हैं और स्लीपर यात्रियों के लिए यह एक बेहद उपयोगी सुविधा बन जाती है।
सबसे पहले किन ट्रेनों में उपलब्ध होगी यह सेवा?
चेन्नई डिविजन की 10 प्रमुख ट्रेनों में यह सेवा प्रारंभिक चरण में लागू की जाएगी। ये ट्रेनें हैं:
- 12671/12672 – नीलगिरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 12685/12686 – मैंगलोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 16179/16180 – मन्नारगुड़ी एक्सप्रेस
- 20605/20606 – तिरुचेंदुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 22651/22652 – पालघाट एक्सप्रेस
- 20681/20682 – सिलंबु सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 22657/22658 – तांबरम–नागरकोइल सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 12695/12696 – त्रिवेंद्रम सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 22639/22640 – अल्लेप्पी सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- 16159/16160 – मैंगलोर एक्सप्रेस
नई सेवा के फायदे: यात्रियों के लिए बड़ा राहत
1. हल्का लगैज, ज्यादा सुविधा
अब यात्रियों को अपने बैग में कंबल और चादर भरकर नहीं लाना पड़ेगा।
2. सैनिटाइज्ड बेडरोल
रेलवे पूरी तरह से साफ और रेडी-टू-यूज बेडरोल देगा।
3. किफायती कीमतें
सिर्फ 20–50 रुपये में आरामदायक नींद।
4. ऑन-डिमांड उपलब्धता
जब चाहें अटेंडेंट से मांगकर ले सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय रेलवे की यह नई सेवा स्लीपर कोच यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। अब लंबी यात्रा के दौरान साफ और सैनिटाइज्ड बेडरोल पाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। हल्का लगैज, बेहतर सफर और आरामदायक नींद—यह सुविधा आने वाले समय में लाखों यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने वाली है।
अगर आप भी स्लीपर क्लास में यात्रा करते हैं, तो यह सुविधा आपके सफर को और अधिक आसान और आरामदायक बनाएगी।
FAQs (People Also Ask)
1. क्या स्लीपर कोच में बेडरोल पहले नहीं मिलता था?
पहले बेडरोल केवल AC कोच में उपलब्ध होता था। स्लीपर यात्रियों को खुद बेडरोल लेकर आना पड़ता था। अब रेलवे की इस नई योजना के तहत स्लीपर कोच में भी ऑन-डिमांड यह सुविधा उपलब्ध होगी। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा और आराम बढ़ाने के लिए किया गया है।
2. क्या यह सुविधा सभी ट्रेनों में मिलेगी?
फिलहाल इसे चेन्नई डिविजन की 10 ट्रेनों में शुरू किया जा रहा है। भविष्य में यात्रियों की मांग और रिस्पॉन्स देखने के बाद इसे अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जा सकता है। धीरे-धीरे इसे पूरे भारत में फैलाने की योजना है।
3. क्या बेडरोल पूरी तरह सैनिटाइज्ड होगा?
हाँ, रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सभी बेडरोल आइटम सैनिटाइज्ड, साफ और रेडी-टू-यूज होंगे। यात्रियों को किसी भी प्रकार की गंदगी या संक्रमण की चिंता नहीं रहेगी।
4. क्या कीमतें सभी ट्रेनों में समान रहेंगी?
हाँ, रेलवे ने एक तय दर निर्धारित की है—20 रुपये से 50 रुपये—जो सभी ट्रेनों और रूट्स पर समान रूप से लागू होंगी। इससे यह सेवा सभी के लिए किफायती बनी रहेगी।
5. क्या यात्री बेडरोल वापस करेंगे या यह उनके पास रहेगा?
यह बेडरोल केवल उपयोग के लिए है और यात्रा समाप्त होने पर इसे वापस करना होगा। रेलवे आगे इन आइटम्स को प्रोसेस करके फिर से उपयोग के लिए तैयार करेगा।
MCQ क्विज (Knowledge Check)
प्रश्न 1: स्लीपर कोच में बेडरोल सुविधा कब से शुरू होगी?
A. 2024
B. 2025
C. 2026
D. 2027
सही उत्तर: C
प्रश्न 2: एक बेडशीट की कीमत क्या होगी?
A. 10 रुपये
B. 20 रुपये
C. 30 रुपये
D. 50 रुपये
सही उत्तर: B
प्रश्न 3: यह सुविधा किस ज़ोन से शुरू की गई है?
A. नॉर्थ रेलवे
B. साउथ रेलवे
C. वेस्ट रेलवे
D. ईस्ट रेलवे
सही उत्तर: B
प्रश्न 4: बेडरोल किट की कुल कीमत कितनी है?
A. 30 रुपये
B. 40 रुपये
C. 50 रुपये
D. 60 रुपये
सही उत्तर: C
प्रश्न 5: क्या यह सुविधा सभी ट्रेनों में उपलब्ध है?
A. हाँ
B. नहीं
C. केवल AC कोच में
D. केवल जनरल कोच में
सही उत्तर: B

