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Sim Card New Rules 2026
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Sim Card New Rules 2026: बंद हो जाएंगे फर्जी कनेक्शन! अब बिना बायोमेट्रिक स्कैन के नहीं मिलेगा नया सिम

देश में लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन साइबर फ्रॉड, फर्जी कॉल्स और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी की घटनाओं पर करारा प्रहार करते हुए केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने नया चाबुक चलाया है। DoT ने आधिकारिक तौर पर ‘दूरसंचार (यूजर आइडेंटिफिकेशन) नियम, 2026’ को नोटिफाई कर दिया है। यदि आप भी नया सिम कार्ड खरीदने या अपने पुराने सिम में कोई जानकारी अपडेट करवाने की योजना बना रहे हैं, तो अब केवल फोटो या कागजी दस्तावेज देने से काम नहीं चलेगा। इस नए नियम के तहत अब बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को पूरी तरह अनिवार्य बना दिया गया है।

सिम कार्ड जारी करने और अपडेट के लिए बदला नियम

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी नए गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब मोबाइल कनेक्शन लेने या यूजर प्रोफाइल में किसी भी प्रकार का बदलाव कराने के लिए उपभोक्ता की भौतिक उपस्थिति और फिंगरप्रिंट या फेशियल बायोमेट्रिक स्कैन अनिवार्य होगा। DoT ने यह कदम फर्जी आईडी पर सिम हासिल करके किए जाने वाले वित्तीय अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए उठाया है।

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अब बिना ऑथेंटिकेशन के ना तो कोई नई सिम जारी होगी और ना ही मौजूदा सिम में कोई विवरण बदला जा सकेगा। इस नियम के लागू होने के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए जारी किए गए लाखों फर्जी सिम कार्ड खुद-ब-खुद नेटवर्क से बाहर हो जाएंगे।

Sim Card New Rules 2026
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किन सेवाओं के लिए बायोमेट्रिक जांच होगी जरूरी?

  • नया सिम कार्ड खरीदने पर: नया प्रीपेड या पोस्टपेड कनेक्शन लेते समय।
  • सिम में यूजर डिटेल अपडेट कराने पर: नाम, पता या अन्य केवाईसी जानकारी बदलते समय।
  • सिम री-वेरिफिकेशन (Re-verification): संदिग्ध नंबरों का दोबारा वेरिफिकेशन कराने पर।
  • सिम बंद (Disconnect) कराने पर: अपना चालू नंबर स्थायी रूप से बंद कराने की स्थिति में।

जानिए BIVS सिस्टम और e-KYC/D-KYC का नया ढांचा

सभी दूरसंचार प्रदाताओं को अपने नेटवर्क पर ‘बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम’ (BIVS) को एकीकृत करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड है, उनके लिए e-KYC प्रक्रिया के माध्यम से तुरंत सत्यापन किया जाएगा। वहीं जिन यूजर्स के पास आधार कार्ड नहीं है या वे अन्य सरकारी पहचान पत्रों का उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए D-KYC (डिजिटल केवाईसी) प्रक्रिया का पालन किया जाएगा जिसमें लाइव बायोमेट्रिक कैप्चर शामिल होगा।

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सेवा / प्रक्रियापुराना नियमनया नियम (2026)
नया सिम खरीदनाकागजी डॉक्यूमेंट या साधारण फोटोआधार e-KYC या बायोमेट्रिक BIVS स्कैन
सिम ट्रांसफर / रेंटलअनौपचारिक सहमति पर संभवपूरी तरह प्रतिबंधित एवं गैर-कानूनी
यूजर्स के लिए सुरक्षाओटीपी आधारित सत्यापनबायोमेट्रिक + नंबर पर अलर्ट एसएमएस
टेलीकॉम कंपनियों को समय3 महीने का क्रियान्वयन समय

Jio, Airtel, Vi और BSNL को मिला 3 महीने का समय

सरकार ने रिलायंस जियो (Jio), भारती एयरटेल (Airtel), वोडाफोन-आइडिया (Vi) और बीएसएनएल (BSNL) जैसी सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को अपने आउटलेट्स और रिटेलर नेटवर्क पर इस बायोमेट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थापित करने के लिए 3 महीने का समय दिया है। यदि कंपनियां इस समयावधि में तकनीकी सेटअप पूरा नहीं कर पाती हैं, तो इस डेडलाइन को आवश्यकतानुसार 3 महीने के लिए और आगे बढ़ाया जा सकता है।

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सिम खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?

  1. खुद स्टोर जाना होगा अनिवार्य: अब आप घर बैठे या किसी दोस्त-रिश्तेदार के नाम पर दुकान जाए बिना नया सिम नहीं खरीद सकते।
  2. अलर्ट मैसेज की सुविधा: जब भी आपके नाम या नंबर पर कोई नई सिम की रिक्वेस्ट डाली जाएगी, तो आपके मौजूदा नंबर पर एक अलर्ट एसएमएस भेजा जाएगा। यदि आपने वह रिक्वेस्ट नहीं भेजी है, तो तुरंत ‘NO’ में जवाब देकर उस प्रक्रिया को रोक सकते हैं।
  3. किराए पर सिम देना गैर-कानूनी: अपना सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को बेचना, किराए पर देना या ट्रांसफर करना अब सख्त मना है। ऐसा करने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

साइबर फ्रॉड और फर्जी कॉल्स पर लगेगी लगाम

हाल के दिनों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ और बैंक फ्रॉड के जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें से 90% से अधिक मामलों में फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल पाया गया था। नए नियम के लागू होने के बाद, साइबर अपराधी दूसरों के पहचान पत्रों का दुरुपयोग करके फर्जी सिम नहीं निकाल पाएंगे। सरकार का यह कदम देश के आम नागरिकों के बैंक खातों और डिजिटल पहचान को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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