उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर से लेकर मध्य भारत तक मॉनसून एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुका है। देश के लगभग 25 राज्यों में बादलों का डेरा है और कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड समेत कई क्षेत्रों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मॉनसून की रेखा बेहद मजबूत हो गई है। इसका सीधा असर पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक साफ देखा जा सकता है, जहाँ वज्रपात और आंधी-तूफान का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तर और मध्य भारत में मौसम का हाल: मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश की चेतावनी
मध्य भारत में मॉनसून की रफ्तार सबसे ज्यादा खतरनाक नजर आ रही है। विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश में IMD ने अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहाँ 23 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ में भी बादलों का जमावड़ा बना हुआ है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल में लैंडस्लाइड और रास्तों का बंद होना जारी
पहाड़ी राज्यों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
- हिमाचल प्रदेश: शिमला मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में भूस्खलन के कारण दर्जनों मुख्य सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए पूरी तरह ठप हो गए हैं।
- उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुँच गया है। जम्मू-कश्मीर के संभागों में भी मूसलाधार बारिश के साथ तेज आंधी का अंदेशा जताया गया है।
पूर्वोत्तर, बिहार और झारखंड में वज्रपात का अलर्ट
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून पूरी तरह मेहरबान है, लेकिन इसके साथ ही आकाशीय बिजली का खतरा भी चरम पर है। बिहार और झारखंड के अधिकांश जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी दी गई है।
| राज्य / क्षेत्र | संभावित मौसम की स्थिति | IMD चेतावनी स्तर |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान | भारी से बहुत भारी अलर्ट |
| हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड | मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और लैंडस्लाइड | येलो अलर्ट (23 अगस्त तक) |
| बिहार और झारखंड | तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने का खतरा | ऑरेंज अलर्ट |
| असम, मेघालय और नागालैंड | लगातार बारिश और आंधी-तूफान | अलर्ट जारी |
| तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल | तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश | बारिश की संभावना |
पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाया है। अरुणाचल प्रदेश में भी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
दक्षिण और पश्चिम भारत का अपडेट: तटीय इलाकों में तेज हवाओं का प्रकोप
दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मॉनसूनी हवाओं की वजह से भारी बारिश हो रही है। इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश, गुजरात और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना व्यक्त की गई है।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को समुद्र के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने सभी राज्यों के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

