कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत उच्च पेंशन की उम्मीद लगाए बैठे लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। अगर आपने भी EPS-95 के तहत अधिक पेंशन पाने के लिए आवेदन किया है, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि आपकी अर्जी पर कितना काम हुआ है।
EPFO को मिले 15.24 लाख से अधिक आवेदन, संसद में पेश हुए आंकड़े
देश के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए EPS-95 के तहत उच्च पेंशन का विकल्प एक बड़ा आर्थिक राहत लेकर आया है। लोकसभा में प्रस्तुत किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ को उच्च पेंशन के लिए कुल 15,24,365 आवेदन प्राप्त हुए हैं। श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने संसद में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह डेटा साझा किया।
ईपीएफओ द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कर्मचारियों को अपनी वास्तविक बेसिक सैलरी के आधार पर पेंशन में योगदान का अवसर मिला था, जिससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सके।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी संयुक्त विकल्प की प्रक्रिया
उच्च पेंशन का यह रास्ता 4 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए ऐतिहासिक निर्णय के बाद साफ हुआ था। अदालत ने निर्देश दिया था कि जो पात्र कर्मचारी 15,000 रुपये प्रति माह की तय वैधानिक सीमा से अधिक वास्तविक बेसिक वेतन पर पीएफ योगदान दे रहे हैं, उन्हें EPS-95 के तहत उच्च पेंशन चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। इसके बाद ईपीएफओ ने अपने यूनिफाइड पोर्टल पर जॉइंट ऑप्शन वेरिफिकेशन की ऑनलाइन सुविधा शुरू की थी।
किस राज्य से आए सबसे ज्यादा आवेदन? जानिए क्षेत्रवार स्थिति
ईपीएफओ को प्राप्त आवेदनों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि औद्योगिक और आईटी हब वाले राज्यों से कर्मचारियों ने सबसे अधिक रुचि दिखाई है। तेलंगाना और महाराष्ट्र आवेदन जमा करने की सूची में सबसे ऊपर हैं।
| क्षेत्र / क्षेत्रीय कार्यालय | प्राप्त आवेदनों की कुल संख्या |
| तेलंगाना (हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय) | 1,65,331 |
| मुंबई-1 (बांद्रा क्षेत्रीय कार्यालय) | 1,26,444 |
| महाराष्ट्र (मुंबई को छोड़कर) | 1,26,311 |
| कुल राष्ट्रीय आवेदन (National Total) | 15,24,365 |
| लंबित मामले (Pending Cases as of August 5) | 11,595 |
देश भर में अभी भी 11,595 मामले लंबित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त तक देश भर के विभिन्न ईपीएफओ जोनों में 11,595 आवेदन अभी भी लंबित पड़े हैं। श्रम मंत्रालय ने सभी क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं कि इन लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। नियोक्ता (Employer) की तरफ से सत्यापन में हो रही देरी को दूर करने के लिए भी ईपीएफओ लगातार दिशा-निर्देश जारी कर रहा है।
लंबित आवेदन वाले कर्मचारी अब क्या करें?
यदि आपका आवेदन भी लंबित सूची में है, तो आपको तुरंत अपने वर्तमान या पूर्व नियोक्ता के मानव संसाधन (HR) विभाग से संपर्क करना चाहिए। जॉइंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में नियोक्ता की स्वीकृति अनिवार्य होती है। ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल पर UAN के माध्यम से लॉगिन करके आप अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति (Claim Status) की जांच कर सकते हैं।

