बिहार में समय से पहले मानसून की एंट्री होने के बावजूद इसके कमजोर प्रभाव के चलते प्रदेश में मौसम के दो बेहद चौंकाने वाले रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां राजधानी पटना सहित दक्षिण बिहार के लोग भीषण उमस और तपती लू से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ सीमांचल सहित उत्तर-पूर्व के 11 जिलों में भारी आंधी-पानी को लेकर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। अगर आप भी अगले 24 घंटों में घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आपके शहर में बादलों की गड़गड़ाहट होगी या फिर सूरज की तपिश झुलसाएगी।
मानसून की सुस्त चाल ने बढ़ाई मुसीबत
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अलनीनो के प्रभाव के चलते मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी आई है। मानसून की उत्तरी सीमा पिछले चार दिनों से मुजफ्फरपुर और जमुई के आसपास रुकी हुई थी, जो अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। इस सुस्त रफ्तार के कारण राज्य का दक्षिणी हिस्सा पूरी तरह शुष्क और गर्म बना हुआ है, जबकि उत्तरी और पूर्वी जिलों में मानसून की ट्रफ लाइन की वजह से तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों में कटिहार के प्राणपुर में सबसे अधिक 84.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
दक्षिण बिहार में ‘लू’ का टॉर्चर, पारा 40 के पार
राजधानी पटना, गया और आसपास के मैदानी इलाकों में शुष्क पछुआ और नमी युक्त पुरवा हवाओं के मिश्रण से उमस का स्तर चरम पर पहुंच गया है। दिन का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से अधिक है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी होने के कारण अब रातें भी बेहद गर्म और बेचैन करने वाली हो रही हैं। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 24 से 48 घंटों तक पटना और दक्षिण बिहार के जिलों में गर्म दिन की स्थिति (Heatwave Conditions) बनी रहेगी और फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

इन 11 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर और उत्तर-पूर्व बिहार के जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। सीमांचल के प्रमुख जिलों में मेघ गर्जन के साथ भारी वज्रपात (आकाशीय बिजली) की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में अगले 24 घंटे की संभावित मौसम स्थिति इस प्रकार है:
| क्षेत्र/प्रमुख जिले | अधिकतम तापमान | मौसम की स्थिति | अलर्ट का प्रकार |
| पटना, गया, डेहरी | 39°C – 41°C | अत्यधिक शुष्क, तेज धूप और लू | येलो अलर्ट (लू) |
| मुजफ्फरपुर, लखीसराय, शिवहर | 35°C – 37°C | बादल छाए रहेंगे, आंधी के साथ बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| अररिया, किशनगंज, सुपौल | 32°C – 34°C | गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश | रेड अलर्ट (भारी वर्षा) |
| भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया | 33°C – 35°C | तेज हवाएं, मध्यम से भारी बारिश | येलो अलर्ट (वज्रपात) |
मौसम विभाग की जरूरी एडवाइजरी: खराब मौसम के दौरान भूलकर भी पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास आश्रय न लें। खेतों में काम कर रहे किसान भाई वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। शहरों में जलजमाव और रूट डायवर्जन की स्थिति देखकर ही घर से बाहर निकलें।
निष्कर्ष
बिहार में इस समय प्रकृति का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों को मानसून की फुहारें भिगो रही हैं, वहीं दक्षिण बिहार के लोग अभी भी बादलों की राह तक रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जून के अंत तक मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा, जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे जिलों को भी राहत मिल सकेगी। तब तक सुरक्षित रहें और मौसम के पल-पल बदलते मिजाज पर नजर बनाए रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
बिहार में मानसून कब तक पूरी तरह सक्रिय होगा?
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जून के दूसरे सप्ताह में ही बिहार में दस्तक दे दी थी। हालांकि शुरुआती रफ्तार धीमी रहने के कारण यह कुछ जिलों में ठहरा हुआ है। अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों के भीतर यह आगे बढ़ेगा और जून के अंतिम सप्ताह तक पूरे बिहार में भारी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
पटना और गया में उमस भरी गर्मी से कब राहत मिलेगी?
पटना और गया सहित दक्षिण बिहार के जिलों में अभी पुरवा और पछुआ हवाओं का मिलाजुला असर है, जिससे उमस बहुत ज्यादा बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों तक इन क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। जब तक मानसून की ट्रफ लाइन दक्षिण की ओर नहीं खिसकती, तब तक तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
मौसम विभाग ने वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर क्या गाइडलाइंस जारी की हैं?
बिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से जान-माल का काफी नुकसान होता है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि जब भी आसमान में बादल कड़कड़ाएं, तुरंत पक्के मकानों के अंदर चले जाएं। खिड़की-दरवाजे बंद रखें और मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले खेतों या तालाबों के पास न रहें।
सीमांचल के किन जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है?
मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्व बिहार और सीमांचल के तीन प्रमुख जिलों—अररिया, किशनगंज और सुपौल में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मेघ गर्जन के साथ मूसलाधार बारिश होने और निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
इस साल जून महीने में बिहार में कितनी बारिश होने का अनुमान है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, अलनीनो के हल्के प्रभाव के कारण इस साल जून के महीने में बिहार में सामान्य से थोड़ी कम बारिश (औसत 163.3 मिमी से कम) दर्ज की जा सकती है। हालांकि, स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण के कारण कुछ जिलों में बीच-बीच में भारी वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी।
ज्ञान जांच प्रश्नोत्तरी (MCQ Quiz)
Q1. जून 2026 में बिहार के किन तीन जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है?
A) पटना, गया और नालंदा
B) अररिया, किशनगंज और सुपौल
C) मुजफ्फरपुर, वैशाली और समस्तीपुर
D) भागलपुर, बांका और जमुई
सही उत्तर: B
Q2. मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में बिहार के किस स्थान पर सबसे अधिक 84.6 मिमी बारिश दर्ज की गई?
A) पूर्णिया
B) पटना
C) प्राणपुर (कटिहार)
D) शिवहर
सही उत्तर: C
Q3. दक्षिण बिहार के जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार जाने और उमस बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
A) पश्चिमी विक्षोभ का आना
B) मानसून का कमजोर होना और लू का प्रभाव
C) बंगाल की खाड़ी में चक्रवात
D) भारी बर्फबारी
सही उत्तर: B
Q4. मौसम खराब होने या बिजली कड़कने पर सुरक्षा के लिहाज से कहां शरण लेनी चाहिए?
A) ऊंचे पेड़ के नीचे
B) बिजली के खंभे के पास
C) खुले मैदान में
D) पक्के मकान या सुरक्षित इमारत के अंदर
सही उत्तर: D
Q5. बिहार में जून के महीने में सामान्यतः औसत वर्षा कितने मिलीमीटर (mm) होती है?
A) 74.4 मिमी
B) 272.7 मिमी
C) 163.3 मिमी
D) 41.6 मिमी
सही उत्तर: C

