WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
विवाह मुहूर्त
विवाह मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2025: देवउठनी एकादशी से खुलेंगे शुभ कार्यों के द्वार! जानें नवंबर-दिसंबर में शादी, गृह प्रवेश और भूमि पूजन की सटीक तिथियां

2025 के विवाह मुहूर्त कैलेंडर की पूरी जानकारी: देवउठनी एकादशी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य, देखें नवंबर-दिसंबर के शुभ दिन और ग्रहों का प्रभाव

हिंदू धर्म में विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन या किसी भी नए कार्य की शुरुआत बिना शुभ मुहूर्त के नहीं की जाती। कहा जाता है कि सही मुहूर्त में किया गया कार्य जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लाता है। साल 2025 में देवउठनी एकादशी से एक बार फिर शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। यह वह दिन होता है जब भगवान विष्णु अपनी चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाती है। नवंबर और दिसंबर 2025 के महीने शुभता से भरे होंगे, क्योंकि इन महीनों में कई ऐसे दिन हैं जो विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माने जा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि विवाह मुहूर्त 2025 में कौन-कौन से दिन शुभ हैं और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।


देवउठनी एकादशी 2025 से शुरू होंगे शुभ कार्य

हर साल की तरह इस बार भी देवउठनी एकादशी 2025 में 2 नवंबर को पड़ेगी। यह तिथि इसलिए खास है क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और मांगलिक कार्यों पर लगी रोक समाप्त हो जाती है। इस दिन से ही विवाह, गृह प्रवेश, नूतन व्यवसाय, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और भूमि पूजन जैसे सभी शुभ कार्यों की शुरुआत संभव हो जाती है।

See also  🚨 16 अप्रैल 2025 का पंचांग: आज का राहुकाल, चंद्रमा की स्थिति और नक्षत्र जानकर चौंक जाएंगे! अभी देखें शुभ-अशुभ समय 🔮

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, देवउठनी एकादशी के बाद इस वर्ष विवाह के लिए कुल 16 दिन अत्यंत शुभ रहने वाले हैं, जबकि गृह प्रवेश और भूमि पूजन के 4 दिन विशेष महत्व रखते हैं।


विवाह मुहूर्त
विवाह मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2025 नवंबर माह के शुभ दिन

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, नवंबर माह 2025 में विवाह के लिए कई शुभ दिन बन रहे हैं। ये तिथियां हैं:

महीनाविवाह के शुभ दिन
नवंबर 20253, 7, 8, 12, 13, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29, 30

इसके अलावा नवंबर माह में:

  • मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के शुभ दिन: 3, 6, 7, 10, 23, 27, 30
  • नूतन व्यवसाय प्रारंभ करने के शुभ दिन: 3, 7, 8, 10, 27, 30
  • गृह प्रवेश और भूमि पूजन के शुभ दिन: 7 और 8 नवंबर

इन दिनों में किया गया कार्य जीवन में स्थिरता, समृद्धि और सुख प्रदान करता है।


दिसंबर 2025 के विवाह और शुभ कार्यों के मुहूर्त

नवंबर के बाद दिसंबर का महीना भी कई शुभ संयोग लेकर आएगा।
दिसंबर माह के प्रमुख शुभ दिन इस प्रकार हैं:

महीनाशुभ कार्यशुभ तिथियां
दिसंबर 2025विवाह मुहूर्त4, 5, 6
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा5, 6, 7
नूतन व्यवसाय प्रारंभ4, 5, 6
भूमि पूजन व गृह प्रवेश4, 5

इन दिनों में विवाह या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य करने से परिवार में सुख-शांति और उन्नति आती है।


कुंडली मिलान का महत्व

विवाह से पहले कुंडली मिलान को हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है। पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, विवाह से पहले वर-वधू की कुंडलियों का मिलान अवश्य करना चाहिए। कई बार लोग केवल नाम के अक्षर के आधार पर राशि मिलान कर देते हैं, जबकि सही प्रक्रिया में जन्मतिथि और जन्म समय के आधार पर ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण आवश्यक है।

See also  Vivo X200T vs iQOO 13 vs Realme GT 7 Pro: 2026 का असली फ्लैगशिप किंग कौन? (Detailed Comparison)

कुंडली मिलान के माध्यम से यह जाना जा सकता है कि दंपति का वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा या नहीं। यह प्रक्रिया मांगलिक दोष, ग्रह दोष और अन्य ज्योतिषीय प्रभावों से बचाव में सहायक होती है।


इन राशियों को रखना होगा विशेष ध्यान

साल 2025 के अंतिम महीनों में कुछ राशियों पर शनि और मंगल का प्रभाव अधिक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार:

राशिप्रभाव
मेष राशिशनि का प्रभाव करियर और विवाह दोनों पर रहेगा, सतर्क रहें।
कुंभ राशिनिर्णय लेते समय सावधानी रखें, मांगलिक कार्यों में विलंब संभव।
कर्क राशिशनि की साढ़ेसाती का असर स्वास्थ्य और परिवार पर पड़ सकता है।
मीन, वृश्चिक, मकर राशिविवाह से पूर्व ग्रह स्थिति की जांच करवा लें, मंगल दोष भारी पड़ सकता है।

जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष है, उन्हें विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि उनका विवाह किसी अन्य मांगलिक व्यक्ति से ही हो, ताकि ग्रहों का संतुलन बना रहे और दांपत्य जीवन सुखद रहे।


शुभ कार्यों में ग्रहों की भूमिका

देवउठनी एकादशी के बाद ग्रहों की स्थिति में बदलाव होता है, जिससे शुभ योगों की शुरुआत होती है।
इस समय:

  • बृहस्पति (गुरु) विवाह के लिए अनुकूल स्थिति में होते हैं।
  • शुक्र ग्रह प्रेम और संबंधों में सौहार्द लाते हैं।
  • मंगल ग्रह ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक है, जो विवाह और गृह निर्माण जैसे कार्यों में सकारात्मक प्रभाव डालता है।
See also  You Won’t Believe the Puerto Rico Lottery Results for August 6, 2025 – Pega 2, 3, 4, and Loto Plus Revealed With Shocking Wild Numbers!

इस अवधि में किया गया कोई भी शुभ कार्य दीर्घकालिक लाभ देता है।


विवाह मुहूर्त 2025 – सारांश तालिका

श्रेणीशुभ तिथियां (2025)
देवउठनी एकादशी2 नवंबर
विवाह मुहूर्त (नवंबर)3, 7, 8, 12, 13, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29, 30
विवाह मुहूर्त (दिसंबर)4, 5, 6
गृह प्रवेश/भूमि पूजन7-8 नवंबर, 4-5 दिसंबर
नूतन व्यवसाय प्रारंभ3, 7, 8, 10, 27, 30 नवंबर और 4, 5, 6 दिसंबर
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा3, 6, 7, 10, 23, 27, 30 नवंबर और 5, 6, 7 दिसंबर

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. देवउठनी एकादशी 2025 में कब है और इसका महत्व क्या है?
देवउठनी एकादशी 2025 में 2 नवंबर को पड़ेगी। यह दिन इसलिए विशेष है क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन से विवाह, गृह प्रवेश और भूमि पूजन जैसे कार्य शुभ माने जाते हैं।

2. 2025 में कुल कितने विवाह मुहूर्त रहेंगे?
देवउठनी एकादशी के बाद वर्ष 2025 में कुल 16 शुभ विवाह मुहूर्त रहेंगे। इनमें नवंबर में 13 और दिसंबर में 3 प्रमुख दिन शामिल हैं।

3. क्या बिना कुंडली मिलान के विवाह किया जा सकता है?
ज्योतिषीय दृष्टि से यह अनुशंसित नहीं है। कुंडली मिलान से यह सुनिश्चित होता है कि वर और वधू के ग्रह अनुकूल हैं, जिससे वैवाहिक जीवन में स्थिरता और सुख मिलता है।

4. किन राशियों को विवाह से पहले सावधानी बरतनी चाहिए?
मेष, कुंभ, कर्क, मीन, वृश्चिक और मकर राशि वालों को विवाह से पूर्व अपनी कुंडली अवश्य दिखानी चाहिए, क्योंकि इन राशियों पर शनि और मंगल का प्रभाव अधिक रहेगा।

5. गृह प्रवेश और भूमि पूजन के लिए सबसे शुभ तिथियां कौन सी हैं?
2025 में 7-8 नवंबर और 4-5 दिसंबर गृह प्रवेश और भूमि पूजन के लिए सबसे शुभ मानी गई हैं।


निष्कर्ष

साल 2025 शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल रहेगा। देवउठनी एकादशी के बाद से विवाह, गृह प्रवेश, नूतन व्यवसाय और मूर्ति प्रतिष्ठा के कई शुभ योग बनेंगे। हालांकि, किसी भी मांगलिक कार्य से पहले कुंडली मिलान और ज्योतिषीय परामर्श लेना आवश्यक है, ताकि जीवन में शांति, समृद्धि और सौभाग्य बना रहे।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now