उत्तराखंड में कल 24 जनवरी 2026 को भयंकर बारिश और बर्फबारी? जानिए अगले 10 दिनों का सटीक मौसम पूर्वानुमान
क्या आप कल उत्तराखंड की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं या फिर पहाड़ों में हो रहे मौसम के बदलाव को लेकर चिंतित हैं? जनवरी का महीना उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड और अप्रत्याशित मौसम के लिए जाना जाता है। विशेष रूप से जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाता है। कल, यानी 24 जनवरी 2026 को लेकर मौसम विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। यदि आप बिना जानकारी के घर से निकलते हैं, तो आप भारी बारिश या रास्तों में फंसने जैसी समस्याओं का सामना कर सकते हैं। इस विस्तृत लेख में, हम आपको न केवल कल के मौसम की सटीक जानकारी देंगे, बल्कि अगले 10 दिनों तक उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम कैसा रहेगा, इसका पूरा विश्लेषण भी प्रदान करेंगे।
24 जनवरी 2026: कल का मौसम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
उत्तराखंड में कल, 24 जनवरी 2026 का मौसम काफी हद तक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता पर निर्भर करेगा। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों और वायुमंडलीय स्थितियों के अनुसार, कल राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। यह समय सर्दियों का पीक होता है, इसलिए तापमान में गिरावट स्वाभाविक है, लेकिन कल विशेष रूप से पहाड़ी जिलों में मौसम करवट ले सकता है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन 24 जनवरी को गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना बन रही है। जब भी पश्चिमी हवाएं नमी लेकर हिमालय से टकराती हैं, तो इसका सीधा असर केदारनाथ, बद्रीनाथ, औली, मुनस्यारी और पिथौरागढ़ के ऊपरी हिस्सों पर पड़ता है। कल के दिन इन क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे जा सकता है और ताजा बर्फबारी पर्यटकों के लिए खुशी का कारण बन सकती है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह मुश्किलें बढ़ा सकती है।

मैदानी इलाकों में कोहरा और शीत लहर
जहां एक ओर पहाड़ों पर बर्फ गिरने के आसार हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के मैदानी जिले जैसे हरिद्वार, उधम सिंह नगर और देहरादून के कुछ निचले इलाकों में कल घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद है। 24 जनवरी की सुबह दृश्यता (Visibility) काफी कम रह सकती है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। अगर आप दिल्ली या अन्य राज्यों से उत्तराखंड आ रहे हैं, तो सुबह और रात के समय ड्राइविंग में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना पहाड़ों की तुलना में कम है, लेकिन ठंडी हवाएं (शीत लहर) लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर देंगी। दिन के समय भी धूप के दर्शन कम ही होंगे, क्योंकि बादलों की परत सूर्य की रोशनी को रोकने का काम करेगी। अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री नीचे रहने का अनुमान है, जिससे दिन में भी अलाव जलाने की नौबत आ सकती है।
अगले 10 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (25 जनवरी से 3 फरवरी 2026)
अगले 10 दिनों के मौसम का विश्लेषण करना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे आप अपनी लंबी यात्राओं या खेती-किसानी की योजना बना सकते हैं। 24 जनवरी के बाद, यानी 25 और 26 जनवरी को मौसम में थोड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे कम होगा, जिससे आसमान साफ होने लगेगा। हालांकि, आसमान साफ होने का मतलब है कि रात का तापमान और तेजी से गिरेगा।
जनवरी के अंतिम सप्ताह में, यानी 27 से 31 जनवरी के बीच, मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान चटख धूप निकल सकती है, जो पर्यटकों के लिए पहाड़ों का नजारा देखने का सबसे अच्छा समय होगा। मुसुरी, नैनीताल और रानीखेत जैसे पर्यटन स्थलों पर दिन सुहावना रहेगा, लेकिन रातें बेहद सर्द होंगी। पाला (Frost) गिरने की संभावना बढ़ जाएगी, जो गाड़ियों की आवाजाही के लिए सड़कों को फिसलन भरा बना सकता है।
फरवरी की शुरुआत (1 से 3 फरवरी) में एक बार फिर हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसका असर बहुत व्यापक नहीं होगा, लेकिन उत्तरकाशी और चमोली जैसे सीमांत जिलों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर अगले 10 दिनों में उत्तराखंड का मौसम उतार-चढ़ाव भरा रहेगा, जिसमें बारिश, बर्फबारी और धूप तीनों का मिश्रण देखने को मिलेगा।
पर्यटन और चारधाम यात्रा पर प्रभाव
हालांकि जनवरी में चारधाम यात्रा आधिकारिक रूप से बंद रहती है, लेकिन शीतकालीन गद्दीस्थलों के दर्शन और औली में स्कीइंग के लिए पर्यटकों का तांता लगा रहता है। कल और आने वाले कुछ दिनों में यदि आप औली जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह समय सबसे उपयुक्त हो सकता है। 24 जनवरी को होने वाली संभावित बर्फबारी औली की ढलानों को स्कीइंग के लिए एकदम सही बना देगी।
पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ भारी ऊनी कपड़े, विंडचीटर और वाटरप्रूफ जूते जरूर रखें। पहाड़ों पर मौसम पल भर में बदलता है। नैनीताल और मसूरी में भी वीकेंड पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। अगर बारिश होती है, तो माल रोड पर घूमना मुश्किल हो सकता है, लेकिन होटलों से पहाड़ों का नजारा बेहद खूबसूरत दिखेगा। जो लोग ट्रैकिंग के शौकीन हैं, उन्हें मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए और खराब मौसम में ऊंचाई वाले ट्रेक पर जाने से बचना चाहिए।
किसानों और बागवानों के लिए सलाह
उत्तराखंड की आर्थिकी में कृषि और बागवानी का बड़ा योगदान है। 24 जनवरी को होने वाली बारिश रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए अमृत समान साबित हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में सेब और अन्य फलों के बागीचों के लिए यह ठंडक और नमी बेहद जरूरी है। बर्फबारी से सेब के पेड़ों को आवश्यक ‘चिलिंग आवर्स’ (Chilling Hours) पूरे करने में मदद मिलती है, जिससे फसल अच्छी होती है।
हालांकि, मैदानी इलाकों में अगर कोहरा बहुत अधिक दिनों तक रहता है और धूप नहीं निकलती है, तो इसका असर सब्जियों की खेती पर पड़ सकता है। पाले से बचाव के लिए किसानों को अपनी फसलों की हल्की सिंचाई करने की सलाह दी जाती है। अगले 10 दिनों में मौसम खुलने के बाद पाला गिरने की संभावना अधिक है, इसलिए बागवानों को अपने पौधों को ढकने या धुआं करके तापमान नियंत्रित करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों का तापमान चार्ट (24 जनवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में उत्तराखंड के प्रमुख शहरों का संभावित तापमान और मौसम की स्थिति दर्शाई गई है, जिससे आपको अपनी तैयारी करने में मदद मिलेगी।
| शहर/स्थान | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति | हवा की गति |
| देहरादून | 6°C | 18°C | बादल छाए रहेंगे, हल्की बूंदाबांदी संभव | 10 km/h |
| मसूरी | 1°C | 10°C | बहुत ठंडा, शाम को बर्फ के फाहें गिर सकते हैं | 15 km/h |
| नैनीताल | 2°C | 11°C | घना कोहरा और हल्की बारिश | 12 km/h |
| हरिद्वार | 7°C | 20°C | सुबह घना कोहरा, दिन में आंशिक धूप | 8 km/h |
| औली | -4°C | 3°C | बर्फबारी (Snowfall) की प्रबल संभावना | 20 km/h |
| केदारनाथ | -10°C | -2°C | भारी बर्फबारी, अत्यधिक शीत लहर | 25 km/h |
| पंतनगर | 8°C | 21°C | सुबह कोहरा, बाद में मौसम साफ | 9 km/h |
निष्कर्ष (Conclusion)
निष्कर्षतः, उत्तराखंड में कल यानी 24 जनवरी 2026 का मौसम मिला-जुला रहने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बर्फबारी और बारिश की संभावना है, वहीं मैदानी इलाकों में कोहरा और ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। अगले 10 दिनों में मौसम में क्रमिक सुधार होगा और धूप निकलने से राहत मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम की कड़ाके की ठंड बरकरार रहेगी। यदि आप यात्रा कर रहे हैं, तो मौसम के अपडेट पर नजर रखें और गर्म कपड़ों के साथ ही घर से निकलें। अपनी सुरक्षा और सुविधा के लिए, पहाड़ों पर ड्राइविंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें क्योंकि गीली सड़कों पर फिसलन का खतरा रहता है। प्रकृति के इस सुंदर लेकिन चुनौतीपूर्ण रूप का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask – FAQs)
क्या कल मसूरी में बर्फबारी होने की संभावना है?
जी हां, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 जनवरी 2026 को पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मसूरी के ऊंचाई वाले इलाकों, विशेषकर लाल टिब्बा और जॉर्ज एवरेस्ट के पास हल्की बर्फबारी या ‘सर्दियों की बारिश’ (Winter Rain) के साथ ओलावृष्टि की संभावना बन सकती है। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, इसलिए पर्यटकों को भारी ऊनी कपड़े साथ रखने की सलाह दी जाती है।
अगले 10 दिनों में केदारनाथ का मौसम कैसा रहेगा?
अगले 10 दिनों तक केदारनाथ धाम में अत्यधिक ठंड रहने का अनुमान है। 24 और 25 जनवरी को यहां भारी बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान शून्य से 10 से 15 डिग्री नीचे तक जा सकता है। इसके बाद मौसम खुलने की उम्मीद है, लेकिन क्षेत्र पूरी तरह से बर्फ की सफेद चादर से ढका रहेगा। यह समय यात्रा के लिए नहीं है क्योंकि कपाट बंद हैं और स्थितियां बेहद दुर्गम हैं।
क्या बारिश के कारण नैनीताल जाने वाले रास्ते बंद हो सकते हैं?
आम तौर पर हल्की बारिश से नैनीताल के मुख्य मार्ग बंद नहीं होते हैं। हालांकि, कालाढूंगी या भवाली के रास्ते में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बारिश के दौरान बढ़ जाता है। 24 जनवरी को कोहरा होने के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे ड्राइविंग कठिन हो सकती है। यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन या पुलिस कंट्रोल रूम से सड़कों की स्थिति की जानकारी लेना बुद्धिमानी होगी।
24 जनवरी को हरिद्वार में कोहरा कब तक रहेगा?
हरिद्वार और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में 24 जनवरी को सुबह के समय ‘घना कोहरा’ (Dense Fog) छाए रहने की आशंका है। यह कोहरा रात के 2 बजे से शुरू होकर सुबह 10 या 11 बजे तक रह सकता है। धूप निकलने के बाद दृश्यता में सुधार होगा, लेकिन शाम होते ही दोबारा धुंध छाने लगेगी। गंगा घाट पर सुबह स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को ठंड से बचाव का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
उत्तराखंड घूमने का सबसे अच्छा समय अगले 10 दिनों में कौन सा है?
अगर आप बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो 24-25 जनवरी का समय औली या चोपता जाने के लिए बेहतर है। लेकिन अगर आप साफ मौसम और खिली हुई धूप में पहाड़ों को देखना चाहते हैं, तो आपको 27 जनवरी से 31 जनवरी के बीच अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए। इस दौरान बारिश की संभावना कम होगी और आप बिना किसी बाधा के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकेंगे।
इंटरैक्टिव ज्ञान परीक्षण (Interactive Knowledge Check – MCQ Quiz)
प्रश्न 1: 24 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के मौसम में बदलाव का मुख्य कारण क्या है?
A. मानसून
B. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
C. चक्रवात
D. गर्मी की लहर (Heatwave)
सही उत्तर: B
प्रश्न 2: औली में 24 जनवरी को मौसम कैसा रहने की उम्मीद है?
A. बहुत गर्म
B. भारी बारिश और बाढ़
C. बर्फबारी (Snowfall)
D. धूल भरी आंधी
सही उत्तर: C
प्रश्न 3: मैदानी इलाकों (जैसे हरिद्वार) में यात्रियों को किस मुख्य समस्या का सामना करना पड़ सकता है?
A. भूस्खलन
B. सुनामी
C. घना कोहरा (Dense Fog)
D. ज्वालामुखी
सही उत्तर: C
प्रश्न 4: सेब की फसल के लिए सर्दियों की बारिश और बर्फबारी क्यों महत्वपूर्ण है?
A. यह फसल को खराब कर देती है
B. यह चिलिंग आवर्स (Chilling Hours) पूरा करने में मदद करती है
C. इससे पेड़ सूख जाते हैं
D. इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता
सही उत्तर: B
प्रश्न 5: 27 जनवरी से 31 जनवरी के बीच मौसम कैसा रहने का अनुमान है?
A. लगातार भारी बारिश
B. शुष्क और साफ आसमान
C. ओलावृष्टि
D. तूफान
सही उत्तर: B

