WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
RBI New Cheque Book Rules
RBI New Cheque Book Rules

RBI New Cheque Book Rules: 31 दिसंबर के बाद बेकार हो जाएंगी पुरानी चेकबुक, आज ही बदलें!

यदि आप भी बैंकिंग लेन-देन के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। धोखाधड़ी और चेक जालसाजी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चेकबुक सुरक्षा मानकों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। इस नए आदेश के बाद आपकी पुरानी चेकबुक की समय सीमा तय हो चुकी है और अब बैंकों द्वारा बिल्कुल नए सुरक्षा फीचर्स वाली चेकबुक जारी की जा रही है। अगर आपने समय रहते नया चेकबुक इश्यू नहीं कराया, तो आपके बड़े भुगतान अटक सकते हैं।

इस लेख में जानिए कि आरबीआई का नया नियम क्या है, पुरानी चेकबुक कब तक मान्य होगी और नई अल्फान्यूमेरिक चेकबुक में सुरक्षा के कौन-कौन से हाई-टेक फीचर्स शामिल किए गए हैं।

RBI New Cheque Book Rules
RBI New Cheque Book Rules

चेक से लेन-देन करने वालों के लिए बड़ी चेतावनी: 31 दिसंबर के बाद बंद होंगे पुराने चेक

डिजिटल दौर में UPI का दायरा भले ही 10 सेकंड में भुगतान करने तक फैल चुका हो, लेकिन व्यापारिक और बड़े वित्तीय लेन-देन में आज भी चेक की भूमिका सबसे अहम है। इसी सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आरबीआई ने पुराने चेक सुरक्षा ढांचे को बदलने का निर्णय लिया है।

नए निर्देशों के अनुसार, सभी बैंक ग्राहकों को 31 दिसंबर तक अपनी पुरानी चेकबुक बदलवाकर नई अल्फान्यूमेरिक चेकबुक प्राप्त करनी होगी। 1 जनवरी 2027 से पुरानी चेकबुक पूरी तरह अमान्य (Invalid) घोषित कर दी जाएगी। बैंकों ने भी अपने खाताधारकों को सचेत करना शुरू कर दिया है कि बिना नई अल्फान्यूमेरिक चेकबुक के 50,000 रुपये या उससे अधिक राशि के चेक क्लियर नहीं किए जाएंगे।

क्या है नई अल्फान्यूमेरिक चेकबुक और कैसे काम करेगी?

अब तक इस्तेमाल की जाने वाली चेकबुक में नीचे की तरफ केवल अंकों (Numeric Digits) में चेक नंबर और MICR कोड दर्ज होता था। जालसाज अक्सर इन अंकों में हेरफेर करके फर्जी चेक तैयार कर लेते थे।

आरबीआई के नए सुरक्षा ढांचे के तहत:

  • अल्फान्यूमेरिक कोड (Alphanumeric Code): नए चेक पर नंबरों के साथ-साथ अक्षरों (Letters) और विशेष कोड्स का कॉम्बिनेशन होगा, जो हर चेक को एक अद्वितीय (Unique) पहचान देगा।
  • अदृश्य स्याही (Invisible Ink): नए चेक पर ऐसी स्पेशल यूवी स्याही से प्रिंटिंग होगी, जो सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देगी और केवल यूवी (UV) लाइट में ही स्कैन हो पाएगी।
  • हाई-टेक वाटरमार्क: चेक के कागजात में एक विशेष सुरक्षित वाटरमार्क और माइक्रो-प्रिंटिंग जोड़ी गई है, जिसकी नकल करना नामुमकिन है।
  • पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System) से एकीकरण: यह नई व्यवस्था आरबीआई के पॉजिटिव पे सिस्टम के साथ पूरी तरह से सिंक होकर काम करेगी, जिससे ऑटोमेटेड क्लियरिंग प्रोसेस और तेज हो जाएगा।

पुरानी चेकबुक बनाम नई अल्फान्यूमेरिक चेकबुक: मुख्य अंतर

आरबीआई द्वारा किए गए इन बदलावों को समझने के लिए पुरानी और नई चेकबुक के प्रमुख अंतरों पर एक नज़र डालें:

फीचर्सपुरानी चेकबुकनई अल्फान्यूमेरिक चेकबुक
कोड फॉर्मेटकेवल अंक (Digits Only)अंक और अक्षर (Alphanumeric Combination)
सुरक्षा मानकसाधारण सुरक्षा मानकवाटरमार्क, इनविजिबल यूवी स्याही व माइक्रो-प्रिंटिंग
जालसाजी का जोखिमछेड़छाड़ या फ्रॉड की गुंजाइशउन्नत सुरक्षा कोड के कारण फ्रॉड नामुमकिन
क्लियरिंग स्पीडमैनुअल व डिजिटल स्कैनिंग में अधिक समयऑटोमेटेड स्कैनिंग से बेहद तेज़ क्लियरिंग
पॉजिटिव पे सिंकपूर्ण रूप से कनेक्टेड नहींपॉजिटिव पे सिस्टम से 100% इंटीग्रेटेड
वैधता (Validity)केवल 31 दिसंबर तक मान्यबैंकों द्वारा अनिवार्य रूप से लागू

जालसाजी और फ्रॉड रोकने में कैसे मददगार होगी नई व्यवस्था?

चेक फ्रॉड के मामलों में आमतौर पर चेक के अमाउंट, हस्ताक्षर या चेक नंबर के साथ छेड़छाड़ की जाती है। अल्फान्यूमेरिक कोड प्रणाली लागू होने से हर चेक का डेटा सीधे बैंक के केंद्रीय सर्वर से जुड़ जाएगा।

जब भी कोई चेक क्लियरिंग के लिए आएगा, ऑटोमेटेड स्कैनर उसमें मौजूद अल्फान्यूमेरिक कोड, यूवी स्याही और वाटरमार्क का तुरंत मिलान कर लेगा। यदि किसी भी सुरक्षा मानक में अंतर पाया जाता है, तो चेक तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा। इस कदम से बैंकिंग प्रणाली में फर्जी चेक जारी करने के रास्ते पूरी तरह बंद हो जाएंगे।

बैंक ग्राहकों को तुरंत क्या करना चाहिए?

  1. अपनी वर्तमान चेकबुक चेक करें: यदि आपकी चेकबुक पर केवल अंकों वाला MICR कोड और चेक नंबर है, तो समझ लें कि यह पुरानी चेकबुक है।
  2. बैंक शाखा से संपर्क करें: 31 दिसंबर की समयसीमा समाप्त होने से पहले अपने बैंक की निकटतम शाखा में जाएं या मोबाइल/नेट बैंकिंग ऐप से नई अल्फान्यूमेरिक चेकबुक के लिए आवेदन करें।
  3. पुराने चेक से भुगतान से बचें: वर्ष के अंत के निकट किसी को भी लंबी अवधि की तिथि (Post-dated Cheque) का पुराना चेक जारी करने से बचें, अन्यथा 1 जनवरी से वह बाउंस हो सकता है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now