MP Weather Update: 24 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश में टूटेगा ठंड का रिकॉर्ड या होगी बेमौसम बारिश? जानिये अगले 10 दिनों का मौसम का हाल और रेड अलर्ट
क्या आप कल, यानी 24 जनवरी 2026 को लेकर अपनी यात्रा की योजना बना रहे हैं या आप एक किसान हैं जो अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं? मध्य प्रदेश का मौसम इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। एक तरफ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाएं हैं, तो दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर। आपके मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कल बारिश होगी या कड़ाके की धूप निकलेगी? इस विस्तृत मौसम रिपोर्ट में हम आपको न केवल 24 जनवरी का सटीक पूर्वानुमान बताएंगे, बल्कि अगले 10 दिनों तक मौसम करवट किस ओर लेगा, इसका पूरा विश्लेषण भी देंगे। यह जानकारी आपको किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और अपनी तैयारी पूरी रखने में मदद करेगी।
मध्य प्रदेश में 24 जनवरी 2026 का मौसम
मध्य प्रदेश में मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों और उपग्रह से प्राप्त चित्रों के अनुसार, 24 जनवरी 2026 का दिन राज्य के कई हिस्सों के लिए काफी हलचल भरा रहने वाला है। वर्तमान में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बना हुआ है, जिसका सीधा असर मध्य भारत, विशेषकर मध्य प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों पर पड़ रहा है।
कल के मौसम को समझने के लिए हमें हवाओं की दिशा और दबाव के क्षेत्र को समझना होगा। हवाओं का रुख मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी है, जो अपने साथ नमी लेकर आ रही हैं। इसका सीधा अर्थ है कि राज्य के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हालांकि, हर जिले में बारिश हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन “मावठ” (सर्दियों की बारिश) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या कल मध्य प्रदेश में बारिश होगी? (वर्षा का पूर्वानुमान)
किसानों और आम जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पानी गिरेगा? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 24 जनवरी को मध्य प्रदेश के कुछ विशिष्ट संभागों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह बारिश मुख्य रूप से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के कुछ हिस्सों में देखी जा सकती है।
अरब सागर से आने वाली नमी और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती घेरे के कारण बादल छाए रहेंगे। यदि आप भोपाल, इंदौर या जबलपुर में हैं, तो वहां मौसम शुष्क रहने की संभावना अधिक है, लेकिन ठंडी हवाएं आपको परेशान कर सकती हैं। वहीं, बुंदेलखंड और बघेलखंड के क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा, लेकिन सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी किया गया है।
अगले 10 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (24 जनवरी से 2 फरवरी 2026)
अगले 10 दिनों का मौसम काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि जनवरी का अंतिम सप्ताह और फरवरी की शुरुआत एक नए मौसम तंत्र (Weather System) के साथ होगी।
24 जनवरी से 26 जनवरी: इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और दिन के समय भी सिहरन महसूस होगी।
27 जनवरी से 30 जनवरी: जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, आसमान साफ होना शुरू हो जाएगा। इसके बाद “कोल्ड डे” (Cold Day) की स्थिति बन सकती है। उत्तरी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में प्रवेश करेंगी, जिससे रात का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। पचमढ़ी, उमरिया और नौगांव में पारा जमाव बिंदु के पास पहुंच सकता है।
31 जनवरी से 2 फरवरी: फरवरी की शुरुआत में मौसम फिर से करवट ले सकता है। एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे बादल छा सकते हैं और न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड से मामूली राहत मिलेगी।
संभाग-वार मौसम का विस्तृत हाल
मध्य प्रदेश एक विशाल राज्य है, इसलिए मौसम का मिजाज हर जगह एक जैसा नहीं रहता। आइये इसे क्षेत्रवार समझते हैं:
ग्वालियर-चंबल संभाग:
यह क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाला है। 24 जनवरी को यहां घने कोहरे के साथ हल्की बारिश की संभावना है। दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मालवा-निमाड़ (इंदौर-उज्जैन):
इंदौर और उज्जैन में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन ठंडी हवाएं चलती रहेंगी। 24 और 25 जनवरी को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दिन का तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है।
महाकौशल (जबलपुर-छिंदवाड़ा):
यहां बारिश की संभावना कम है। धूप खिलेगी, जिससे दिन में मौसम सुहावना रहेगा। हालांकि, रात होते ही तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। फसलों के लिए यह मौसम फिलहाल अनुकूल है, बशर्ते पाला (Frost) न पड़े।
विंध्य और बुंदेलखंड:
रीवा, सतना और सागर में कड़ाके की ठंड जारी रहेगी। शीतलहर चलने का “येलो अलर्ट” जारी किया जा सकता है। यहां के निवासियों को गर्म कपड़े पहनने और अलाव का सहारा लेने की जरूरत पड़ सकती है।
किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह (एग्रो-मेट एडवाइजरी)
यह समय रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और चने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
गेहूं की फसल: यदि आपके क्षेत्र में बारिश की संभावना है, तो फिलहाल सिंचाई रोक दें। आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में वृद्धि होती है जो फसल की बढ़ोतरी के लिए अच्छी है, लेकिन अगर बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है, तो नुकसान हो सकता है।
चना और सरसों: मावठ की बारिश चने और सरसों के लिए अमृत के समान होती है, लेकिन अत्यधिक नमी से इल्ली (Pest) का प्रकोप बढ़ सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों की नियमित निगरानी करें। यदि पाला पड़ने की संभावना हो, तो शाम के समय खेतों के आसपास हल्का धुआं करें।
तापमान और वर्षा का तुलनात्मक चार्ट (24 जनवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में प्रमुख शहरों के संभावित तापमान और बारिश की संभावना का विवरण दिया गया है:
| शहर (City) | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति | बारिश की संभावना (%) |
| भोपाल | 24°C | 11°C | आंशिक बादल | 10% |
| इंदौर | 25°C | 12°C | शुष्क / हवादार | 05% |
| ग्वालियर | 19°C | 06°C | घना कोहरा / हल्की बारिश | 60% |
| जबलपुर | 23°C | 10°C | साफ़ आसमान | 0% |
| उज्जैन | 24°C | 11°C | आंशिक बादल | 15% |
| पचमढ़ी | 18°C | 04°C | अत्यधिक ठंड | 05% |
| रीवा | 21°C | 07°C | शीतलहर | 0% |
कोहरा और यातायात सुरक्षा
24 जनवरी की सुबह और अगले कुछ दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभागों में “घना से अति घना कोहरा” (Dense to Very Dense Fog) छाने की प्रबल आशंका है।
रेलवे और विमान सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल सकती हैं। यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, तो फॉग लाइट का उपयोग करें और गति सीमा का पालन करें। कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना अनिवार्य है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो, 24 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश का मौसम मिला-जुला रहेगा। जहां ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में बारिश और कोहरे का साया रहेगा, वहीं बाकी राज्य में सूखी ठंड और शीतलहर का प्रकोप देखने को मिलेगा। अगले 10 दिनों तक ठंड से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में हो रहे बदलावों पर नजर रखना जरूरी है। हम आपको सलाह देते हैं कि घर से निकलने से पहले ताज़ा मौसम अपडेट ज़रूर चेक करें और गर्म कपड़ों का साथ न छोड़ें।
People Also Ask (FAQs)
24 जनवरी को भोपाल में बारिश होगी या नहीं?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 जनवरी को भोपाल में बारिश की संभावना बहुत कम (लगभग 10%) है। आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और ठंडी हवाएं चल सकती हैं, लेकिन भारी बारिश के आसार नहीं हैं। दिन का मौसम सुहावना लेकिन ठंडा रहेगा।
क्या अगले 10 दिनों में मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ेगी?
जी हां, अगले 10 दिनों में, विशेषकर 27 जनवरी के बाद, जब पश्चिमी विक्षोभ हट जाएगा, तब उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। रात का तापमान काफी गिर सकता है।
मावठ (सर्दियों की बारिश) का फसलों पर क्या असर होगा?
मावठ या सर्दियों की हल्की बारिश गेहूं और चने की फसल के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह एक प्राकृतिक सिंचाई का काम करती है और दाने को भरने में मदद करती है। हालांकि, अगर बारिश के साथ ओले गिरते हैं, तो यह फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
क्या ग्वालियर और चंबल में कोहरे का अलर्ट है?
बिल्कुल, मौसम विभाग ने ग्वालियर और चंबल संभाग के लिए “ऑरेंज अलर्ट” जारी करने की संभावना जताई है। 24 जनवरी और उसके बाद के कुछ दिनों तक सुबह के समय दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से कम हो सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होगा।
24 जनवरी को पचमढ़ी का मौसम कैसा रहेगा?
पचमढ़ी, जो मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, वहां 24 जनवरी को मौसम बेहद ठंडा रहेगा। न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। पर्यटकों को भारी ऊनी कपड़े साथ रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि वहां पाला पड़ने की भी संभावना है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
प्रश्न 1: 24 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के किस संभाग में बारिश की सबसे अधिक संभावना है?
Option A: इंदौर संभाग
Option B: जबलपुर संभाग
Option C: ग्वालियर-चंबल संभाग
Option D: नर्मदापुरम संभाग
Correct Answer: Option C
प्रश्न 2: सर्दियों में होने वाली वर्षा को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है?
Option A: लू
Option B: मावठ
Option C: आंधी
Option D: मानसून
Correct Answer: Option B
प्रश्न 3: अगले 10 दिनों में तापमान गिरने का मुख्य कारण क्या होगा?
Option A: पश्चिमी विक्षोभ का हटना और उत्तरी हवाएं
Option B: समुद्र में चक्रवात
Option C: अत्यधिक गर्मी
Option D: जंगलों में आग
Correct Answer: Option A
प्रश्न 4: कोहरे (Fog) के कारण किन सेवाओं पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है?
Option A: इंटरनेट सेवा
Option B: बिजली आपूर्ति
Option C: रेल और यातायात सेवा
Option D: जल आपूर्ति
Correct Answer: Option C
प्रश्न 5: कृषि सलाह के अनुसार, यदि बारिश की संभावना हो तो किसान को क्या रोकना चाहिए?
Option A: फसल की कटाई
Option B: सिंचाई (Irrigation)
Option C: बुवाई
Option D: खाद डालना
Correct Answer: Option B

