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Kisan Credit Card New RBI Guidelines: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! RBI ने बदले KCC के नियम, जानिए कैसे मिलेगा बड़ा फायदा
Kisan Credit Card New RBI Guidelines: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! RBI ने बदले KCC के नियम, जानिए कैसे मिलेगा बड़ा फायदा

Kisan Credit Card New RBI Guidelines: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! RBI ने बदले KCC के नियम, जानिए कैसे मिलेगा बड़ा फायदा

Kisan Credit Card New RBI Guidelines: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! RBI ने बदले KCC के नियम, जानिए कैसे मिलेगा बड़ा फायदा

भारतीय किसानों के लिए खेती करना कभी आसान नहीं रहा है। खाद, बीज और सिंचाई के लिए समय पर पैसों की भारी कमी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है, जिसके कारण कई बार हमारे अन्नदाता मजबूरी में ग्रामीण साहूकारों के भारी-भरकम कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। इसी गंभीर आर्थिक समस्या को जड़ से खत्म करने और भारतीय कृषि क्षेत्र को एक नई डिजिटल उड़ान देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बेहद ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम उठाया है। अगर आप भी खेती-किसानी करते हैं और अक्सर पैसों की तंगी से जूझते रहते हैं, तो आपके लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के नियमों में कुछ बड़े और क्रांतिकारी बदलाव प्रस्तावित किए हैं। इस विस्तृत लेख में हम गहराई से विश्लेषण करेंगे और आपको सरल भाषा में बताएंगे कि नए नियमों के तहत कैसे आपकी केसीसी की वैधता बढ़ने वाली है, ब्याज दरों का असली गणित क्या है, और अब आधुनिक कृषि उपकरणों के लिए आपको बैंक से बिना किसी परेशानी के पैसा कैसे मिलेगा।

Kisan Credit Card New RBI Guidelines: भारतीय रिजर्व बैंक का नया मास्टरप्लान

भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के पुराने ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन करने का कड़ा निर्णय लिया है। अब तक देश के करोड़ों किसानों को केसीसी के माध्यम से ऋण तो मिलता था, लेकिन कई तकनीकी और कागजी बाधाओं के कारण उन्हें इसका पूरा और समय पर लाभ उठाने में भारी कठिनाई होती थी। आरबीआई के इन नए प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल बनाना और कृषि ऋण की आसान पहुंच को देश के हर एक गांव-गांव तक सुलभ करना है ताकि खेती की बढ़ती लागत को कम किया जा सके।

Kisan Credit Card New RBI Guidelines: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! RBI ने बदले KCC के नियम, जानिए कैसे मिलेगा बड़ा फायदा
Kisan Credit Card New RBI Guidelines: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! RBI ने बदले KCC के नियम, जानिए कैसे मिलेगा बड़ा फायदा

KCC की वैधता (Validity) में अभूतपूर्व विस्तार: बार-बार बैंक के चक्कर लगाने से मुक्ति

पुरानी व्यवस्था के अंतर्गत सबसे बड़ी समस्या यह थी कि किसानों को अपने क्रेडिट कार्ड के नवीनीकरण (Renewal) के लिए हर साल या कुछ ही समय के अंतराल पर बैंक की शाखाओं के अनगिनत चक्कर लगाने पड़ते थे। यह प्रक्रिया न केवल किसानों का बहुमूल्य समय बर्बाद करने वाली थी, बल्कि इसमें कई बार उन्हें जटिल कागजी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता था। नई गाइडलाइंस के अनुसार, इस परेशानी को दूर करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता अवधि को बढ़ाकर पूरे 6 साल करने का एक बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है। इसका सीधा और स्पष्ट अर्थ यह है कि एक बार बैंक से कार्ड बन जाने के बाद किसान को आगामी छह वर्षों तक इसके नवीनीकरण के भारी झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और वह बेफिक्र होकर अपनी खेती पर ध्यान दे सकेगा।

KCC Drawing Limit (निकासी सीमा) का नया गणित: फसल के अनुसार मिलेगा पूरा फंड

पहले किसानों को ऋण की राशि निकालने के लिए एक निश्चित और सीमित सीमा से बंधना पड़ता था, जो कई बार उनकी वास्तविक कृषि जरूरतों और बाजार की महंगाई से बिल्कुल मेल नहीं खाती थी। अब इस समस्या को हल करने के लिए आरबीआई ने ड्राइंग लिमिट (पैसे निकालने की सीमा) को हर फसल चक्र के लिए तय फाइनेंस स्केल (Finance Scale) के साथ सीधे तौर पर जोड़ने की योजना बनाई है। इसका सीधा मतलब यह है कि किसान जो फसल बो रहा है, उसकी वर्तमान बाजार लागत के अनुसार ही उसकी क्रेडिट लिमिट तय की जाएगी। यदि कोई किसान ज्यादा लागत वाली कोई व्यावसायिक या नकदी फसल उगाता है, तो उसे बैंक से अधिक धनराशि निकालने की छूट मिलेगी। इससे खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय (जैसे बुवाई या कटाई) पर कभी भी पैसों की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आधुनिक कृषि यंत्र और तकनीक (Modern Farming Tech) के लिए भी मिलेगा केसीसी से पैसा

आज का युग पूरी तरह से तकनीक का युग है और भारतीय कृषि को भी इसके साथ कदम मिलाकर चलना होगा। केसीसी के नियमों में सबसे बड़ा और दूरगामी बदलाव यह होने जा रहा है कि अब किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा केवल पारंपरिक जरूरतों जैसे- बीज, खाद और कीटनाशक तक ही सीमित नहीं रहेगा। नई प्रस्तावित गाइडलाइंस के तहत खेतों में ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) सिस्टम लगाने, आधुनिक ट्रैक्टर या भारी हार्वेस्टर खरीदने, कृषि में नए डिजिटल समाधान अपनाने और उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों के इस्तेमाल पर होने वाले भारी खर्च को भी KCC के दायरे में शामिल करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इससे छोटे किसान भी आधुनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर सकेंगे और भारतीय कृषि तेजी से आधुनिकीकरण की ओर कदम बढ़ा सकेगी।

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Kisan Credit Card (KCC) Yojana क्या है और यह कैसे काम करती है?

किसान क्रेडिट कार्ड योजना भारत सरकार और रिजर्व बैंक की एक बेहद सफल और महत्वाकांक्षी पहल है। इसकी शुरुआत मुख्य रूप से इसलिए की गई थी ताकि देश के गरीब और मध्यम वर्गीय किसानों को बैंकिंग और संस्थागत ऋण प्रणाली के सुरक्षित दायरे में लाया जा सके। पहले ग्रामीण साहूकार मनमाने तरीके से ब्याज वसूलते थे, जिससे एक बार कर्ज लेने वाला किसान जीवन भर उस कर्ज से बाहर नहीं आ पाता था। KCC के माध्यम से सरकार ने एक बेहद पारदर्शी, त्वरित और सस्ती ऋण प्रणाली विकसित की है। इस स्मार्ट कार्ड का उपयोग करके किसान खेती से जुड़े अपने तमाम खर्चों जैसे- फसल बुवाई की तैयारी, कीटनाशकों की खरीद, सिंचाई व्यवस्था, कटाई के बाद के खर्च, कृषि संपत्ति के रखरखाव और यहां तक कि अपने परिवार की बुनियादी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी तुरंत नकद ऋण ले सकता है।

KCC Loan Interest Rate 2026: 5 लाख तक के लोन पर कितनी लगेगी ब्याज दर?

जब भी कोई किसान बैंक से ऋण लेता है, तो उसके मन में सबसे पहला और बड़ा सवाल ब्याज दर का ही होता है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना की सबसे बड़ी खूबी और लोकप्रियता का कारण इसकी बेहद कम ब्याज दर ही है। सामान्य तौर पर, भारत सरकार 5 लाख रुपये तक के शॉर्ट-टर्म (अल्पावधि) कृषि ऋण पर 7 प्रतिशत की मामूली और रियायती ब्याज दर लागू करती है।

लेकिन असली फायदा और जादू इसके बाद शुरू होता है। भारत सरकार देश के किसानों को समय पर अपना ऋण चुकाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष “संशोधित ब्याज अनुदान योजना” (Interest Subvention Scheme) चलाती है। यदि कोई किसान अपनी तय समय सीमा के भीतर बैंक का लिया हुआ पैसा वापस जमा कर देता है, तो उसे सरकार की तरफ से 3 प्रतिशत की अतिरिक्त भारी सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस प्रकार, समयबद्ध तरीके से ईमानदारी से ऋण चुकाने वाले किसानों को यह बैंक लोन मात्र 4 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर पड़ता है। आज के समय में देश के किसी भी अन्य व्यावसायिक क्षेत्र में इतनी कम और सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध नहीं है।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए कौन-कौन पात्र है? (Eligibility Criteria)

ग्रामीण भारत में अक्सर एक आम भ्रांति यह देखने को मिलती है कि केसीसी का लाभ केवल और केवल उन्हीं किसानों को मिल सकता है, जिनके नाम पर अपनी पुश्तैनी या खरीदी हुई कृषि भूमि दर्ज है। लेकिन यह सच नहीं है। सरकार ने इसके नियमों को बेहद लचीला और समावेशी बनाया है ताकि खेती के काम से जुड़े हर एक व्यक्ति को इसका वित्तीय लाभ मिल सके।

इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित सभी श्रेणियां आवेदन करने के लिए पूरी तरह पात्र हैं:

  • व्यक्तिगत किसान जो अपनी खुद की जमीन पर खेती करते हैं।
  • किराएदार किसान (Tenant Farmers) जो दूसरों की जमीन को पट्टे पर लेकर उसमें खेती का कार्य करते हैं।
  • मौखिक पट्टेदार (Oral Lessees) जिनका जमीन मालिक के साथ कोई लिखित समझौता नहीं है, फिर भी वे खेती करते हैं।
  • बटाईदार किसान (Sharecroppers) जो फसल के एक निश्चित हिस्सेदारी के आधार पर खेतों में मेहनत करते हैं।
  • स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups – SHGs) और संयुक्त देयता समूह (Joint Liability Groups – JLGs) जो सामूहिक रूप से कृषि गतिविधियों का संचालन करते हैं।
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इस विस्तृत पात्रता सूची से उन लाखों गरीब किसानों को एक नई उम्मीद की किरण मिली है, जो पीढ़ियों से दूसरों के खेतों में अपना पसीना बहा रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य से जिनके पास अपनी जमीन का कोई मालिकाना हक नहीं है।

किसान क्रेडिट कार्ड से होने वाले टॉप 5 बेमिसाल फायदे (Top Benefits of KCC)

आरबीआई के नए निर्देशों के लागू होने के बाद KCC के फायदे कई गुना अधिक बढ़ जाएंगे। आइए गहराई से जानते हैं वो 5 मुख्य फायदे जो हर एक कार्डधारक किसान को सीधे तौर पर मिलते हैं:

  1. खेती और कटाई के बाद के लिए त्वरित नकद धन: खेती किसानी में सही समय का बहुत बड़ा महत्व होता है। सही समय पर खाद या बीज न मिलने से पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। KCC यह पूरी तरह सुनिश्चित करता है कि किसान के पास मौसम आने पर अपनी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नकदी तुरंत उपलब्ध हो।
  2. साहूकारों के चंगुल से हमेशा के लिए पक्की आजादी: गांव के महाजन और साहूकार किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर 24 से 36 प्रतिशत तक का भारी-भरकम और कमर तोड़ देने वाला सालाना ब्याज वसूलते हैं। KCC मात्र 4 प्रतिशत (समय पर चुकाने पर) में धन उपलब्ध कराकर किसानों को इस गंभीर आर्थिक शोषण से पूरी तरह बचाता है।
  3. फसल का सही दाम मिलने तक इंतजार की सुविधा: कई बार किसान पैसों की सख्त जरूरत के कारण अपनी नई फसल को बाजार में औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हो जाते हैं। केसीसी से मिली त्वरित आर्थिक मदद के कारण किसान अपनी उपज को बाजार में सही और ऊंचा मूल्य मिलने तक आसानी से रोक कर सुरक्षित रख सकते हैं।
  4. पशुपालन और मछली पालन के लिए अतिरिक्त वित्तीय समर्थन: केसीसी का दायरा केवल खेतों की फसलों तक ही सीमित नहीं है। अगर कोई भी किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन या मछली पालन का नया व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो उसके लिए भी वह बेझिझक इस कार्ड की क्रेडिट लिमिट का उपयोग कर सकता है।
  5. सीधा और शत-प्रतिशत पारदर्शी फायदा: इस पूरी ऋण प्रक्रिया में किसी भी बिचौलिए या दलाल की कोई भूमिका नहीं होती है। बैंक सीधे किसान के खाते में या कार्ड में पैसा ट्रांसफर करता है, जिससे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म हो जाती है और किसान को पूरा पैसा मिलता है।

पुरानी KCC व्यवस्था बनाम नई RBI गाइडलाइंस का विश्लेषण

यहाँ एक विस्तृत तुलनात्मक तालिका (Comparison Table) दी गई है, जिससे आप एक नज़र में आसानी से समझ सकते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक के इन नए प्रस्तावों से जमीनी स्तर पर क्या-क्या और कैसे बदलने वाला है:

विवरण (Key Features)पुरानी व्यवस्था (Old KCC Rules)नई आरबीआई गाइडलाइंस (New RBI Proposals)किसानों पर सीधा प्रभाव (Impact on Farmers)
कार्ड की वैधता अवधि (Card Validity)1 से 3 साल (बार-बार बैंक जाकर रिन्यू कराना पड़ता था)पूरे 6 साल तक की लंबी और निर्बाध वैधताअनावश्यक कागजी कार्रवाई और बहुमूल्य समय की भारी बचत
निकासी सीमा (Drawing Limit)एक स्थिर और पूर्व-निर्धारित क्रेडिट सीमा जो बदलती नहीं थीफसल चक्र और तय फाइनेंस स्केल पर आधारित लचीली सीमामहंगाई और जरूरत के अनुसार ज्यादा पैसा निकालने की खुली छूट
तकनीक का समावेश (Tech Integration)केवल पारंपरिक खेती के खर्च (बीज, खाद, पानी) तक ही सीमितड्रिप इरिगेशन, डिजिटल टूल्स और आधुनिक ट्रैक्टर इसमें शामिलभारतीय खेती का विश्व स्तर पर तेजी से तकनीकी आधुनिकीकरण होगा
ऋण स्वीकृति प्रक्रिया (Loan Approval)प्रक्रिया थोड़ी धीमी और कागजी झंझट वाली होती थीडिजिटल और पेपरलेस माध्यमों से बेहद तेज स्वीकृतिखेती के समय पर पैसों के लिए लंबा और थकाऊ इंतजार नहीं करना पड़ेगा
ब्याज दर संरचना (Interest Structure)7% (समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए 4%)दरें बिल्कुल वही रहेंगी, लेकिन ऋण पाने की प्रक्रिया आसान होगीबेहद सस्ती दरों पर लंबे समय तक परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी

निष्कर्ष (Conclusion)

अंत में यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में प्रस्तावित किए गए ये सभी नए बदलाव भारत के संपूर्ण कृषि परिदृश्य की दिशा और दशा दोनों को हमेशा के लिए बदलने की अपार क्षमता रखते हैं। कार्ड की 6 साल की लंबी वैधता, प्रत्येक फसल चक्र के अनुसार निकासी सीमा तय करना और आधुनिक कृषि उपकरणों के लिए भारी वित्तीय सहायता देना, जैसे कदम इस बात का सबसे स्पष्ट प्रमाण हैं कि सरकार किसानों को तकनीकी रूप से आधुनिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह स्वतंत्र बनाना चाहती है। यह योजना अब सिर्फ एक साधारण प्लास्टिक कार्ड नहीं रह गई है, बल्कि भारत के हर गांव-गांव में बसने वाले करोड़ों मेहनतकश किसानों के लिए एक बहुत मजबूत आर्थिक ढाल बन चुकी है। यदि आप भी खेती से जुड़े हुए हैं और अभी तक KCC का लाभ नहीं लिया है, तो आज ही अपने नजदीकी बैंक शाखा या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं और इस योजना के लिए आवेदन करें। इस जानकारी को अपने साथी किसानों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हर कोई इसका लाभ उठा सके!

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People Also Ask (FAQs)

KCC की नई गाइडलाइंस के अनुसार कार्ड की वैधता अवधि कितनी होने वाली है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की प्रस्तावित नई गाइडलाइंस के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की वैधता अवधि को बढ़ाकर पूरे 6 वर्ष करने का निर्णय लिया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को हर साल अपना कार्ड रिन्यू कराने के लिए बैंक के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे, जिससे उनके कीमती समय और धन दोनों की भारी बचत सुनिश्चित होगी।

क्या अब केसीसी लोन से आधुनिक ट्रैक्टर या ड्रिप इरिगेशन का सामान खरीदा जा सकता है?

जी हां, यह सबसे बड़ा बदलाव है। नए आरबीआई प्रस्तावों के तहत अब केसीसी का दायरा काफी व्यापक कर दिया गया है। पहले यह केवल खाद और बीज तक सीमित हुआ करता था, लेकिन अब किसान इसके माध्यम से आधुनिक कृषि उपकरण, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और डिजिटल खेती के समाधान भी आसानी से अपना सकेंगे, जिससे खेती में आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

केसीसी योजना के तहत 5 लाख के लोन पर किसानों को कितना ब्याज देना पड़ता है?

सामान्य स्थिति में, भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड पर 5 लाख रुपये तक के शॉर्ट-टर्म कृषि ऋण पर 7 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर निर्धारित करती है। लेकिन यदि किसान अपनी तय ऋण राशि का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर ईमानदारी से कर देता है, तो उसे 3 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है, जिससे किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर केवल 4 प्रतिशत ही रह जाती है।

क्या किराए पर खेती करने वाले या बिना अपनी जमीन वाले किसान भी KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं?

बिल्कुल कर सकते हैं। सरकार ने यह पूरी तरह सुनिश्चित किया है कि केवल जमीन के मालिक ही नहीं, बल्कि किराएदार किसान, मौखिक पट्टेदार, और बटाईदार किसान भी किसान क्रेडिट कार्ड योजना का पूरा लाभ उठा सकें। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG) भी खेती से जुड़े तमाम कार्यों के लिए इस कार्ड के माध्यम से बहुत ही आसान शर्तों पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने की प्रक्रिया क्या है और कहां आवेदन करें?

केसीसी बनवाने की संपूर्ण प्रक्रिया अब बहुत ही आसान और किसान-अनुकूल कर दी गई है। आप अपने नजदीकी व्यावसायिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या किसी भी सहकारी बैंक की शाखा में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जो किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं, वे सीधे आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या अपने गांव के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से एक साधारण फॉर्म भरकर भी अपना कार्ड बनवा सकते हैं।

Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)

Question 1: भारतीय रिजर्व बैंक की नई गाइडलाइंस के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की वैधता अवधि को बढ़ाकर कितने वर्ष करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव है?

A) 3 वर्ष

B) 5 वर्ष

C) 6 वर्ष

D) 10 वर्ष

Correct Answer: C

Question 2: यदि कोई किसान अपने KCC का लोन तय समय सीमा पर चुका देता है, तो उसे सरकार की तरफ से कितने प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान (Interest Subvention) मिलता है?

A) 2 प्रतिशत

B) 3 प्रतिशत

C) 4 प्रतिशत

D) 5 प्रतिशत

Correct Answer: B

Question 3: समय पर ऋण चुकाने वाले जागरूक किसानों के लिए KCC लोन की प्रभावी (Effective) ब्याज दर अंततः कितनी रह जाती है?

A) 7 प्रतिशत

B) 5 प्रतिशत

C) 4 प्रतिशत

D) 0 प्रतिशत

Correct Answer: C

Question 4: नई KCC गाइडलाइंस में पैसों की निकासी सीमा (Drawing Limit) को सीधे तौर पर किसके साथ जोड़ने का नया प्रस्ताव रखा गया है?

A) किसान की कुल उम्र के साथ

B) किसान की जमीन के क्षेत्रफल के साथ

C) बैंक खाते के पिछले बैलेंस के साथ

D) फसल चक्र के लिए तय फाइनेंस स्केल के साथ

Correct Answer: D

Question 5: भारत सरकार के नियमों के अनुसार निम्नलिखित में से कौन किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं है?

A) केवल जमीन के मालिक किसान

B) बटाईदार और किराएदार किसान

C) वह व्यक्ति जो कृषि और खेती से बिल्कुल नहीं जुड़ा है

D) ग्रामीण स्वयं सहायता समूह (SHG)

Correct Answer: C

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