देश भर में मानसून अपने सबसे खतरनाक और उग्र रूप में आ चुका है। मौसम विभाग ने एक बार फिर से बेहद डरावनी चेतावनी जारी करते हुए देश के बड़े हिस्से में अगले कुछ घंटों के भीतर भारी तबाही की आशंका जताई है। क्या आपके राज्य में भी मंडरा रहा है खतरे का साया? अगर आप घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं, तो यह ताजा अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि मौसम का यह मिजाज किसी बड़ी मुसीबत का संकेत दे रहा है।
दिल्ली और उत्तर भारत में मौसम का भयानक तांडव
राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई बड़े राज्यों में मौसम का मिजजा पूरी तरह से बदल चुका है। अगले कुछ घंटों के दौरान बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार इतनी तेज होगी कि सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो सकता है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कई इलाकों में आंधी की स्पीड 85 से 87 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो पेड़ों और बिजली के खंभों को उखाड़ने के लिए काफी है।

15 राज्यों के लिए मौसम विभाग का हाई अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तर भारत से लेकर पूर्व और पश्चिम के कई हिस्सों तक भारी बारिश का यह दौर कहर बरपाने वाला है। लोगों को सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
| राज्य का नाम | मौसम की स्थिति | संभावित हवा की गति | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | मध्यम से भारी बारिश | 50-55 किमी/घंटा | 36 डिग्री सेल्सियस |
| उत्तर प्रदेश | भारी बारिश और आंधी | 70-75 किमी/घंटा | 31 डिग्री सेल्सियस |
| बिहार | भारी बारिश का येलो अलर्ट | 65-70 किमी/घंटा | 32 डिग्री सेल्सियस |
| उत्तराखंड | तूफानी बारिश और भूस्खलन | 50-60 किमी/घंटा | 29 डिग्री सेल्सियस |
| झारखंड | लगातार बारिश व सतही हवाएं | 45-55 किमी/घंटा | 28 डिग्री सेल्सियस |
यूपी और बिहार में आंधी-तूफान का जबरदस्त प्रकोप
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, और वाराणसी समेत दर्जनों जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल रहा है। यहाँ 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। इसके साथ ही बिहार के पटना, सारण, बक्सर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिलों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को विशेष रूप से अपनी फसलों की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदी-नालों का उफान
पहाड़ी इलाकों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया है। नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, शिमला, कुल्लू और श्रीनगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं के कारण रास्ते बंद होने लगे हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग की यह चेतावनी साफ दर्शाती है कि आने वाले कुछ घंटे बेहद सावधानी से बिताने के हैं।

