मानसून का मिजाज एक बार फिर बेहद आक्रामक नजर आ रहा है, जिसके चलते देश के कई राज्यों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे इलाकों में बेहद भारी बारिश की कड़ी चेतावनी जारी की है। अगर आप आज घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने और जलभराव का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र: क्या बाढ़ जैसे हालात बनेंगे?
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। इस मौसमी तंत्र के कारण मध्य भारत में मानसून की गतिविधियां अपने चरम पर हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों के उफान पर आने की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके अलावा, पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे दैनिक आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा: वीकेंड पर बदलेगा मौसम
राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में फिलहाल मौसम थोड़ा राहत देने वाला बना हुआ है।
- आज का अनुमान: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
- वीकेंड का अलर्ट: मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि शनिवार से इन मैदानी राज्यों में मानसून फिर से जोर पकड़ेगा और तेज बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
पहाड़ों पर आफत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में सतर्कता जरूरी
उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में मानसून का शिकंजा कसता जा रहा है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक से लेकर बेहद भारी बारिश की संभावना जताई है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और भूस्खलन (Landslides) का खतरा बना हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में सोमवार तक यह स्थिति बनी रहने की उम्मीद है, इसलिए यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
देशभर में मौसम का विस्तृत विवरण (Regional Weather Breakdown)
| क्षेत्र / राज्य | बारिश की संभावना | विशेष चेतावनी / अलर्ट |
| उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश | बेहद भारी बारिश | रेड/ऑरेंज अलर्ट, जलभराव का खतरा |
| दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा | हल्की बूंदाबांदी | शनिवार से भारी बारिश का अनुमान |
| हिमाचल व उत्तराखंड | मूसलाधार बारिश | भूस्खलन और बिजली गिरने की आशंका |
| पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय) | व्यापक बारिश | गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी |
| अंडमान एवं निकोबार | तेज हवाओं के साथ बारिश | 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं |
| दक्षिण भारत (केरल, कर्नाटक) | छिटपुट बारिश | तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें |
पूर्वोत्तर और तटीय भारत का हाल: तेज हवाएं और बिजली कड़कने के आसार
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम के तेवर तल्ख हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठने का जोखिम है।
पश्चिम और दक्षिण भारत का मिजाज
पश्चिमी तट पर कोंकण और गोवा के क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि, गुजरात, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।
दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में बहुत ज्यादा भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।
