भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव ने आम खरीदारों और निवेशकों को उलझन में डाल दिया है। शादी-ब्याह के सीजन से पहले कीमतों में हो रही हलचल आपकी जेब पर सीधा असर डालती है। यदि आप भी ज्वेलरी खरीदने या सोने में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार का सटीक गणित समझना बेहद जरूरी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में आप जानेंगे कि देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के क्या भाव हैं और आने वाले समय में इनकी कीमतें किस दिशा में जा सकती हैं।
भारतीय सर्राफा बाजार का ताजा हाल: सोने और चांदी में हलचल
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय संकेतों और वैश्विक आर्थिक स्थिति का असर स्थानीय बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की दरें 1.31 लाख रुपये के स्तर पर हैं।
दूसरी ओर, औद्योगिक मांग और वैश्विक रुझानों के कारण चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। वर्तमान में एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2.23 लाख रुपये से 2.25 लाख रुपये के बीच दर्ज की गई है। बीते कुछ हफ्तों के दौरान कीमतों में निचले स्तरों से रिकवरी देखी गई है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर से इस ओर बढ़ी है।

2026 में सोने-चांदी की चाल: रिकॉर्ड हाई से कितनी आई गिरावट?
साल 2026 की शुरुआत से ही कीमती धातुओं के भाव में भारी उतार-चढ़ाव रहा है। जनवरी माह में सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक ऑल-टाइम हाई स्तर छुआ था। हालांकि, इसके बाद मुनाफावसूली और मजबूत डॉलर के चलते कीमतों में सुधार आया और दोनों धातुओं के दाम अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ गए।
सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि अपने उच्चतम स्तर से हुई इस बड़ी गिरावट ने लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक नया अवसर पैदा किया है। जहां एक ओर निचले स्तरों पर खरीदारी का सहारा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव भी देखने को मिल रहा है।
भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
देश के अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण सोने के दामों में थोड़ा अंतर पाया जाता है। नीचे दी गई तालिका में भारत के प्रमुख महानगरों में आज के अनुमानित सर्राफा रेट दर्शाए गए हैं:
| शहर का नाम | 18 कैरेट सोना (₹/10g) | 22 कैरेट सोना (₹/10g) | 24 कैरेट सोना (₹/10g) |
| दिल्ली | ₹1,08,014 | ₹1,31,921 | ₹1,44,019 |
| मुंबई | ₹1,08,122 | ₹1,32,053 | ₹1,44,163 |
| कोलकाता | ₹1,08,878 | ₹1,32,976 | ₹1,45,171 |
| चेन्नई | ₹1,08,986 | ₹1,33,108 | ₹1,45,315 |
| बेंगलुरु | ₹1,08,014 | ₹1,31,921 | ₹1,44,019 |
| जयपुर | ₹1,08,014 | ₹1,31,921 | ₹1,44,019 |
(नोट: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं। अंतिम खरीदारी के दौरान इनमें जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से जोड़े जाते हैं।)
कमोडिटी एक्सपर्ट्स की राय: क्या साल के अंत तक फिर बनाएगा नया रिकॉर्ड?
कमोडिटी बाजार के प्रमुख विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण लंबी अवधि में सोने का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुसार, मौजूदा गिरावट एक सामान्य बाजार करेक्शन का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का आकलन है कि वर्ष के अंत तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है, जबकि चांदी के दाम 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक जाने की संभावना है। हालांकि, विश्लेषक सलाह देते हैं कि निवेशकों को एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में या सिप (SIP) के जरिए निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
सोने की खरीदारी करते समय इन दो मुख्य बातों का रखें ध्यान
जब भी आप अपने लिए या परिवार के लिए सोने के आभूषण खरीदने जाएं, तो इन बुनियादी नियमों का पालन करके किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकते हैं:
- बीआईएस (BIS) हॉलमार्क अनिवार्य रूप से जांचें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क पर एक 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (HUID) होता है, जिससे सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है।
- कैरेट और मेकिंग चार्ज क्रॉस-चेक करें: खरीदारी के दिन 24K, 22K और 18K सोने के आधिकारिक IBJA रेट की जांच करें। इसके अलावा, ज्वेलर्स द्वारा लगाए जाने वाले मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी का अलग से विवरण बिल में अवश्य मांगें।
असली और नकली चांदी की पहचान कैसे करें? चार आसान तरीके
बाजार में चांदी की खरीद करते समय शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है। आप घर बैठे इन चार आसान घरेलू तरीकों से चांदी की असलियत जान सकते हैं:
- मैग्नेट टेस्ट (चुंबक परीक्षण): असली चांदी गैर-चुंबकीय धातु होती है। यदि चांदी का आभूषण चुंबक की ओर आकर्षित होता है, तो उसमें मिलावट की संभावना अधिक है।
- आइस टेस्ट (बर्फ परीक्षण): चांदी ऊष्मा का सबसे अच्छा संवाहक होती है। जब आप असली चांदी पर बर्फ का टुकड़ा रखते हैं, तो वह सामान्य तापमान की तुलना में बहुत तेजी से पिघलने लगता है।
- कपड़ा परीक्षण (क्लॉथ टेस्ट): असली चांदी के गहनों को किसी साफ सफेद कपड़े से रगड़ने पर उस पर हल्के काले रंग का निशान छूटता है, जो ऑक्सिडाइजेशन की स्वाभाविक प्रक्रिया है।
- स्मैल टेस्ट (गंन्ध परीक्षण): शुद्ध चांदी में किसी भी प्रकार की गंध नहीं होती। यदि आभूषण से तांबे या अन्य धातुओं जैसी तेज गंध आए, तो वह मिलावटी हो सकता है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो, भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अपने ऑल-टाइम हाई से नीचे आकर एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। जहां खरीदारों के लिए आभूषण बनाने का यह एक सही मौका साबित हो सकता है, वहीं निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए अनुशासित तरीके से चरणबद्ध निवेश करना चाहिए। बीआईएस हॉलमार्किंग और प्रामाणिक विक्रेताओं से ही खरीदारी करना आपकी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने की सबसे बड़ी कुंजी है।

