होली 2026 पर किसानों की चमकी किस्मत: कृषि यंत्रों पर मिल रही है 80% तक की भारी सब्सिडी, ऐसे करें तुरंत ऑनलाइन आवेदन
यदि आप एक किसान हैं और खेती में पुरानी मशीनों या पारंपरिक तरीकों से होने वाले भारी खर्च और कम मुनाफे से परेशान हैं, तो यह खबर आपके लिए एक संजीवनी साबित होने वाली है। आज के समय में कृषि उपकरणों की आसमान छूती कीमतों के कारण एक आम किसान आधुनिक तकनीक का लाभ नहीं उठा पाता, जिससे उसकी उपज और आय दोनों प्रभावित होती हैं। लेकिन इस होली पर उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की इसी सबसे बड़ी समस्या को जड़ से खत्म करने का मास्टरप्लान तैयार कर लिया है। इस लेख में आप विस्तार से जानेंगे कि कैसे सरकार होली के शुभ अवसर पर कृषि ड्रोन, रोटावेटर और ट्रैक्टर उपकरणों पर भारी सब्सिडी दे रही है, कौन सी योजनाएं लागू की गई हैं, और आप 4 मार्च 2026 से पहले घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करके इस बंपर छूट का लाभ कैसे उठा सकते हैं। यह जानकारी आपकी खेती का तरीका और आमदनी दोनों बदल कर रख देगी।
यूपी सरकार का होली 2026 धमाका: कृषि यंत्रों पर बंपर सब्सिडी योजना का विस्तृत विश्लेषण
खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए आधुनिक मशीनीकरण सबसे अहम कड़ी है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने होली के पावन पर्व पर राज्य के लाखों छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन किसानों तक महंगी और आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाना है, जो पूंजी की कमी के कारण इन उपकरणों को खरीदने में असमर्थ रहते हैं। सरकार का मानना है कि यदि किसान के पास सही समय पर सही मशीनरी उपलब्ध हो, तो फसल की लागत को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है और उत्पादन में भारी वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
इस विशेष सब्सिडी योजना के माध्यम से राज्य के किसान सीधे तौर पर खेती की नई क्रांति से जुड़ेंगे। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर काम कर सकती है, इसलिए किसानों को अंतिम तिथि यानी 4 मार्च 2026 का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा।

किन-किन प्रमुख योजनाओं के तहत मिलेगा अनुदान का सीधा लाभ?
सरकार ने किसी एक योजना तक सीमित न रहकर कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को इस सब्सिडी कार्यक्रम के तहत खोल दिया है। आइए इन योजनाओं को गहराई से समझते हैं:
- सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना: यह केंद्र और राज्य सरकार की एक संयुक्त पहल है जिसका मुख्य लक्ष्य छोटे किसानों तक मशीनों की पहुंच बढ़ाना है। इस योजना के तहत व्यक्तिगत किसान भारी छूट पर महंगे यंत्र खरीद सकते हैं।
- फार्म मशीनरी बैंक योजना: इसके तहत किसानों का एक समूह मिलकर पूरा का पूरा ‘मशीनरी बैंक’ स्थापित कर सकता है। इस बैंक में ट्रैक्टर से लेकर हार्वेस्टर तक रखे जा सकते हैं, जिन्हें बाद में गांव के अन्य किसानों को किराए पर दिया जा सकता है।
- कस्टम हायरिंग सेंटर: जो किसान कृषि उद्यमी बनना चाहते हैं, वे कस्टम हायरिंग सेंटर खोलकर भारी सरकारी अनुदान प्राप्त कर सकते हैं और मशीनों को किराए पर देकर अपनी अतिरिक्त आय का स्रोत बना सकते हैं।
- कृषि ड्रोन योजना: खेती में रसायनों और उर्वरकों के सुरक्षित और सटीक छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ड्रोन की खरीद पर विशेष फोकस कर रही है।
- फसल अवशेष प्रबंधन योजना (पराली प्रबंधन): पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए सरकार स्ट्रॉ मैनेजमेंट मशीनों और अवशेष निस्तारण उपकरणों पर बड़ी छूट दे रही है, ताकि पर्यावरण भी बचे और खेत की मिट्टी भी उपजाऊ बने।
- त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम: मक्के की खेती करने वाले किसानों के लिए बैच ड्रायर और मेज सेलर जैसे उपकरणों पर खास अनुदान की व्यवस्था की गई है।
खेती को आधुनिक बनाने वाले प्रमुख उपकरण जिन पर मिलेगी भारी छूट
सब्सिडी का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन वास्तविक मशीनों पर मिल रहा है जिनकी किसान को रोजमर्रा के कृषि कार्यों में सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
सीड ड्रिल मशीन से लेकर रोटावेटर तक, सरकार ने उन सभी उपकरणों को इस सूची में शामिल किया है जो खेत की जुताई से लेकर फसल की कटाई तक काम आते हैं। इसमें मुख्य रूप से पावर वीडर (खरपतवार निकालने के लिए), मल्टीक्रॉप थ्रेशर (फसल की गहाई के लिए), रीपर मशीन, अत्याधुनिक स्प्रे मशीन, सिंचाई के लिए उच्च क्षमता वाले पंप सेट और ट्रैक्टर से जुड़े विभिन्न इम्प्लीमेंट्स शामिल हैं। आधुनिक कृषि ड्रोन का समावेश इस बात का प्रमाण है कि सरकार खेती को डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
कृषि यंत्रों और सब्सिडी योजनाओं
| कृषि उपकरण का नाम | संबंधित मुख्य योजना | उपयोगिता और लाभ | संभावित सब्सिडी का स्वरूप |
| कृषि ड्रोन (Agriculture Drone) | कृषि ड्रोन योजना | कीटनाशकों का सटीक और सुरक्षित छिड़काव, समय की बचत | लागत का एक बड़ा प्रतिशत (वर्ग अनुसार) |
| रोटावेटर (Rotavator) | SMAM योजना | खेत की मिट्टी को भुरभुरा बनाना, जुताई का समय आधा करना | भारी सरकारी अनुदान उपलब्ध |
| स्ट्रॉ मैनेजमेंट मशीनें | फसल अवशेष प्रबंधन | पराली को खेत में ही खाद में बदलना, प्रदूषण रोकना | कस्टम हायरिंग/व्यक्तिगत पर छूट |
| मल्टीक्रॉप थ्रेशर | SMAM / फार्म मशीनरी बैंक | एक ही मशीन से कई प्रकार की फसलों की गहाई करना | समूह या व्यक्तिगत स्तर पर भारी छूट |
| सीड ड्रिल (Seed Drill) | SMAM योजना | बीजों की उचित दूरी और गहराई पर बुवाई कर उपज बढ़ाना | सीमांत किसानों के लिए विशेष अनुदान |
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप पूरी और सटीक प्रक्रिया
किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने पूरी प्रक्रिया को 100 प्रतिशत पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया है। यदि आप इस सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित डिजिटल प्रक्रिया का पालन करना होगा:
पहला कदम: आपको सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (www.agridarshan.up.gov.in) को खोलना होगा।
दूसरा कदम: वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ (होम पेज) पर आपको “किसान कॉर्नर” (Kisan Corner) का एक स्पष्ट विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
तीसरा कदम: वहां आपको “यंत्र बुकिंग प्रारंभ” या “ऑनलाइन बुकिंग” का लिंक मिलेगा। इस लिंक पर क्लिक करते ही एक नया पेज खुलेगा।
चौथा कदम: यदि आपने पहले कभी इस पोर्टल पर काम नहीं किया है, तो अपना नया पंजीकरण करें। यदि आप पहले से पंजीकृत हैं, तो अपने विवरण के साथ लॉगिन करें।
पांचवा कदम: पोर्टल पर मांगी गई अपनी सभी व्यक्तिगत और खेती से जुड़ी जानकारियां बहुत ही ध्यानपूर्वक और सही-सही भरें। इसके बाद मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
छठा कदम: अपनी आवश्यकता के अनुसार उस कृषि यंत्र या मशीन का चयन करें जिसे आप सब्सिडी पर खरीदना चाहते हैं और फिर अपना आवेदन अंतिम रूप से सबमिट (जमा) कर दें।
सातवां कदम: आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद सिस्टम द्वारा आपको एक ‘बुकिंग टोकन’ जारी किया जाएगा। इस टोकन नंबर को सुरक्षित रखें क्योंकि भविष्य में सब्सिडी ट्रैकिंग के लिए इसी की आवश्यकता होगी।
आवेदन से पहले तैयार रखें ये अनिवार्य दस्तावेज
एक छोटी सी गलती या दस्तावेज की कमी आपके आवेदन को निरस्त कर सकती है। इसलिए ऑनलाइन पोर्टल पर जाने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास निम्नलिखित सभी दस्तावेज स्पष्ट और वैध रूप में उपलब्ध हों:
- किसान का मूल आधार कार्ड।
- बैंक पासबुक के पहले पन्ने की स्पष्ट कॉपी (जिसमें आपका नाम, खाता संख्या और बैंक का IFSC कोड बिल्कुल साफ दिख रहा हो)।
- जमीन के मालिकाना हक का प्रमाण (अद्यतन खतौनी या संबंधित भूमि के दस्तावेज)।
- आपका वह मोबाइल नंबर जो सीधे आपके आधार कार्ड से लिंक हो (ओटीपी के लिए यह अनिवार्य है)।
- हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।
- यदि किसान अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग से संबंध रखता है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध जाति प्रमाण पत्र (अतिरिक्त सब्सिडी लाभ के लिए)।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना कैसे बनेगी सबसे बड़ा वरदान?
भारत का कृषि क्षेत्र मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों पर निर्भर है। अक्सर यह देखा गया है कि कम जमीन होने के कारण ये किसान महंगी मशीनें खरीदने का जोखिम नहीं उठा पाते। वे या तो पुरानी और थकाऊ पद्धतियों से खेती करते हैं या फिर बड़े किसानों से भारी किराए पर मशीनें लाते हैं, जिससे उनकी फसल की कुल लागत बहुत बढ़ जाती है और मुनाफा ना के बराबर रह जाता है।
होली पर शुरू की गई यह सब्सिडी योजना सीधे तौर पर इसी आर्थिक चक्रव्यूह को तोड़ने का काम कर रही है। अनुदान मिल जाने से 5 लाख की मशीन किसान को बहुत ही मामूली कीमत पर मिल सकेगी। इससे न केवल उनके समय की बचत होगी, बल्कि आधुनिक सीड ड्रिल और रोटावेटर के उपयोग से बीज का सही अंकुरण होगा और फसल का उत्पादन कई गुना बढ़ जाएगा। जो किसान कस्टम हायरिंग सेंटर खोलेंगे, वे मशीनें किराए पर देकर ग्रामीण क्षेत्र में एक नया व्यवसाय भी खड़ा कर सकेंगे। कुल मिलाकर, यह योजना केवल मशीन बांटने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलंबी और मजबूत बनाने की एक ठोस आधारशिला है।
निष्कर्ष (Conclusion)
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा होली 2026 के अवसर पर कृषि यंत्रों पर दी जा रही यह भारी सब्सिडी किसानों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। SMAM, फार्म मशीनरी बैंक और ड्रोन योजना जैसी पहलों के माध्यम से आधुनिक खेती का सपना अब हर छोटे किसान की पहुंच में है। समय रहते 4 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर किसान न केवल अपने कृषि कार्यों को आसान बना सकते हैं, बल्कि अपनी आय को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। इस स्वर्णिम अवसर को हाथ से न जाने दें। आज ही अपने दस्तावेज तैयार करें, आधिकारिक कृषि दर्शन पोर्टल पर जाएं और अपनी जरूरत के कृषि यंत्र की बुकिंग सुनिश्चित करें। खेती को आधुनिक बनाएं, मुनाफा बढ़ाएं और अपने परिवार को इस होली पर एक सुरक्षित भविष्य का उपहार दें।
People Also Ask (FAQs)
कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा होली के अवसर पर जारी की गई इस विशेष सब्सिडी योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे सर्वर डाउन होने या अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए अंतिम तिथि से काफी पहले ही अपना पंजीकरण और बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर लें।
योजना के तहत कौन-कौन से प्रमुख कृषि यंत्रों पर अनुदान मिल रहा है?
इस लाभकारी योजना के अंतर्गत किसानों को खेती के हर चरण में काम आने वाले उपकरणों पर छूट दी जा रही है। इनमें आधुनिक कृषि ड्रोन, रोटावेटर, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, सीड ड्रिल मशीन, पावर वीडर, रीपर मशीन, स्प्रे मशीन, पराली प्रबंधन के लिए स्ट्रॉ मैनेजमेंट मशीनें और सिंचाई के लिए पंप सेट शामिल हैं।
सब्सिडी का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किस वेबसाइट पर करना होगा?
किसानों को घर बैठे पारदर्शी तरीके से आवेदन करने की सुविधा देने के लिए कृषि विभाग ने एक विशेष पोर्टल तैयार किया है। सब्सिडी पर कृषि उपकरण बुक करने के लिए किसानों को उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर जाना होगा और वहां ‘किसान कॉर्नर’ के माध्यम से आवेदन करना होगा।
क्या कृषि यंत्र सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है?
जाति प्रमाण पत्र सभी किसानों के लिए अनिवार्य नहीं है। यह केवल उन किसानों के लिए आवश्यक है जो अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आते हैं। सरकार इन आरक्षित वर्गों को सब्सिडी में अतिरिक्त छूट या विशेष प्राथमिकता प्रदान करती है, जिसका लाभ उठाने के लिए आवेदन के समय वैध जाति प्रमाण पत्र अपलोड करना जरूरी होता है।
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना क्या है और इससे किसानों को क्या फायदा है?
कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) एक प्रकार का मशीनरी बैंक है जहां महंगे कृषि उपकरण रखे जाते हैं। सरकार इस सेंटर को खोलने के लिए भारी सब्सिडी देती है। कोई भी किसान या किसानों का समूह इसे खोलकर अपने गांव के अन्य छोटे किसानों को मामूली किराए पर मशीनें उपलब्ध करा सकता है। इससे खेती तो आसान होती ही है, साथ ही सेंटर चलाने वाले किसान को किराए से एक नियमित आय भी प्राप्त होती है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा होली 2026 पर कृषि यंत्र सब्सिडी योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
A) 10 मार्च 2026
B) 28 फरवरी 2026
C) 4 मार्च 2026
D) 15 अप्रैल 2026
Correct Answer: C) 4 मार्च 2026
प्रश्न 2: कृषि उपकरणों पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसानों को किस आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा?
A) www.kisan.up.nic.in
B) www.agridarshan.up.gov.in
D) www.pmkisan.gov.in
Correct Answer: B) www.agridarshan.up.gov.in
प्रश्न 3: इनमें से कौन सी योजना कृषि यंत्र सब्सिडी कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल नहीं है?
A) सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM)
B) कस्टम हायरिंग सेंटर
C) कृषि ड्रोन योजना
D) प्रधानमंत्री आवास योजना
Correct Answer: D) प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रश्न 4: फसल अवशेषों (पराली) को जलाने से रोकने के लिए सरकार किन मशीनों पर विशेष अनुदान दे रही है?
A) स्ट्रॉ मैनेजमेंट मशीनें
B) वाटर पंप सेट
C) सोलर पैनल
D) ट्रैक्टर ट्रॉली
Correct Answer: A) स्ट्रॉ मैनेजमेंट मशीनें
प्रश्न 5: आवेदन करते समय निम्नलिखित में से कौन सा दस्तावेज बैंक खाते की जानकारी प्रमाणित करने के लिए मांगा गया है?
A) राशन कार्ड
B) बिजली का बिल
C) बैंक पासबुक (खाता संख्या और IFSC कोड सहित)
D) पैन कार्ड
Correct Answer: C) बैंक पासबुक (खाता संख्या और IFSC कोड सहित)

