ब्रेकिंग न्यूज़: 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे TREM V उत्सर्जन मानक? जानिए किसानों के लिए कितने महंगे हो जाएंगे नए ट्रैक्टर!
क्या आप भी खेती-किसानी के लिए एक नया ट्रैक्टर खरीदने का विचार कर रहे हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है और आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकती है। भारतीय ट्रैक्टर उद्योग में जल्द ही एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से भारत में TREM V (ट्रेम-5) उत्सर्जन मानक लागू करने की योजना बना रही है। इस नए और सख्त नियम के लागू होते ही ट्रैक्टरों के इंजन पूरी तरह से बदल जाएंगे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी कीमतों में भारी उछाल आना तय है। आज के इस विस्तृत लेख में हम आपको आसान भाषा में समझाएंगे कि यह नया TREM V उत्सर्जन मानक आखिर है क्या, इसके कारण आपके पसंदीदा ट्रैक्टर की कीमत कितनी बढ़ जाएगी, और क्या आपको बढ़ते दामों से बचने के लिए अभी ही ट्रैक्टर खरीद लेना चाहिए।
TREM V उत्सर्जन मानक क्या है और यह क्यों चर्चा में है?
पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार समय-समय पर वाहनों के इंजन और उनके धुएं के निकास के लिए नए नियम बनाती है। इन्हें उत्सर्जन मानक (Emission Norms) कहा जाता है। कमर्शियल वाहनों और कारों की तरह ही कृषि मशीनरी और ट्रैक्टरों के लिए भी ये मानक तय किए गए हैं। वर्तमान में भारत में बिकने वाले ट्रैक्टर अलग-अलग हॉर्सपावर (HP) के आधार पर अलग-अलग मानकों का पालन करते हैं।
अभी की स्थिति को समझें तो 50 हॉर्सपावर से कम क्षमता वाले ट्रैक्टर TREM IIIA मानकों के तहत बनाए जाते हैं। वहीं, 50 हॉर्सपावर से अधिक क्षमता वाले बड़े ट्रैक्टर TREM IV मानकों का पालन करते हैं। लेकिन अब सरकार प्रदूषण पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए सभी हॉर्सपावर श्रेणियों के ट्रैक्टरों को एक समान और बेहद सख्त TREM V उत्सर्जन मानकों के अंतर्गत लाने की तैयारी कर रही है। यह बदलाव सिर्फ कागजी नहीं होगा, बल्कि इसके लिए ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों को इंजन की पूरी तकनीक को शुरू से लेकर अंत तक बदलना होगा।

ट्रैक्टर इंजन में होने वाले प्रमुख तकनीकी बदलाव
जब TREM V लागू होगा, तो ट्रैक्टर के इंजन पहले जैसे साधारण मैकेनिकल इंजन नहीं रह जाएंगे। इनमें अत्याधुनिक और महंगी तकनीक का इस्तेमाल अनिवार्य हो जाएगा।
पहला बड़ा बदलाव कॉमन रेल डायरेक्ट इंजेक्शन (CRDI) तकनीक का होगा। यह तकनीक इंजन में ईंधन की सटीक मात्रा भेजती है जिससे धुआं कम निकलता है। दूसरा महत्वपूर्ण उपकरण जो लगाया जाएगा, वह है एग्जॉस्ट गैस रीसर्कुलेशन (EGR) सिस्टम। इसके अलावा, डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर (DPF) और सलेक्टिव कैटेलिटिक रिडक्शन (SCR) जैसे महंगे और जटिल सिस्टम भी नए ट्रैक्टरों में लगाए जाएंगे। यह सारे उपकरण मिलकर हवा में घुलने वाले हानिकारक कणों और गैसों को रोकते हैं। लेकिन इन विदेशी और आधुनिक तकनीकों को इंजन में फिट करने का सीधा मतलब है उत्पादन लागत में बेतहाशा वृद्धि।
1 अप्रैल 2026: क्या सच में हर ट्रैक्टर पर लागू हो जाएगा नया नियम?
सरकार की प्रारंभिक योजना के अनुसार 1 अप्रैल 2026 की तारीख तय की गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत और भारतीय कृषि की स्थिति को देखते हुए यह इतना आसान नहीं लगता। भारत में बिकने वाले हर 10 में से 9 ट्रैक्टर 50 हॉर्सपावर से कम क्षमता वाले होते हैं। छोटे और सीमांत किसान इन्हीं ट्रैक्टरों पर निर्भर हैं।
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 50 हॉर्सपावर से कम क्षमता वाले ट्रैक्टरों के लिए सरकार इस नियम को लागू करने में देरी कर सकती है। ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन (TMA) और कई बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों जैसे महिंद्रा, एस्कॉर्ट्स और टैफे ने सरकार के सामने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। कंपनियों का स्पष्ट कहना है कि 25 से 50 HP वाले ट्रैक्टरों के लिए TREM V को कम से कम 2028 तक टाल दिया जाए। इसके अलावा, संयुक्त किसान मोर्चा जैसे किसान संगठन भी लगातार मांग कर रहे हैं कि 70 HP से कम के ट्रैक्टरों को इन सख्त मानकों से पूरी तरह छूट दी जाए, ताकि अन्नदाताओं पर कर्ज का बोझ न बढ़े।
इन भारी मांगों को देखते हुए सरकार वर्तमान में TREM IV और TREM V के बीच का एक इंटरमीडिएट (मध्यवर्ती) मानक लाने पर भी विचार कर रही है ताकि अचानक से किसानों पर महंगाई का बम न गिरे।
TREM V लागू होने का संभावित शेड्यूल (आंकड़ा विश्लेषण)
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स, उद्योग जगत की मांगों और सरकारी रुख को देखते हुए हमने आपके लिए एक स्पष्ट तालिका तैयार की है, जिससे आप समझ सकते हैं कि किस हॉर्सपावर के ट्रैक्टर पर कब से नए नियम लागू हो सकते हैं।
| ट्रैक्टर की हॉर्सपावर (HP) | वर्तमान उत्सर्जन मानक | TREM V लागू होने की संभावित समयसीमा |
| 25 HP से 50 HP तक | TREM IIIA | 2028 (उद्योग की मांग) या मध्यवर्ती मानक |
| 50 HP से 75 HP तक | TREM IV | 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद |
| 75 HP से अधिक | TREM IV | 1 अप्रैल या 1 अक्टूबर 2026 |
नए नियम के बाद कितने बढ़ेंगे ट्रैक्टर के दाम? (कीमतों का गणित)
यह वह सवाल है जो हर किसान के मन में सबसे ऊपर है। यदि TREM V मानक बिना किसी रियायत के पूरी तरह से लागू हो जाते हैं, तो ट्रैक्टरों की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल आना तय है। बाजार विशेषज्ञों और रेटिंग एजेंसियों के गहरे विश्लेषण के अनुसार, नए मानकों के कारण ट्रैक्टर की कीमतों में सीधा 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
इसको एक आसान उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि आज आप TREM IIIA मानक वाला एक 45 HP का लोकप्रिय ट्रैक्टर खरीदने जाते हैं, जिसकी कीमत बाजार में लगभग 7.80 लाख रुपये है। जब TREM V मानक लागू हो जाएगा, तो उसी ट्रैक्टर को बनाने में कंपनी की लागत बढ़ जाएगी। परिणाम स्वरूप, उसी 45 HP ट्रैक्टर की कीमत बढ़कर 8.97 लाख रुपये से 9.36 लाख रुपये के बीच पहुंच जाएगी। यानी एक झटके में किसान को डेढ़ लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
हाल ही में सरकार ने किसानों को राहत देते हुए ट्रैक्टरों पर लगने वाले जीएसटी (GST) को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया था। लेकिन TREM V के कारण होने वाली कीमतों की यह भयंकर वृद्धि जीएसटी कटौती से मिली राहत को पूरी तरह से निगल जाएगी और किसान फिर से वहीं खड़े होंगे जहां वे पहले थे।
रखरखाव और सर्विसिंग में आने वाली नई और गंभीर चुनौतियां
महंगाई सिर्फ ट्रैक्टर खरीदते समय ही नहीं रुलाएगी, बल्कि इसे चलाने और इसका रखरखाव करने में भी पसीना छूटेगा। पुराने मैकेनिक और पारंपरिक इंजन की विदाई का समय आ गया है।
TREM V ट्रैक्टरों में इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) और तमाम सेंसर्स लगे होंगे। यह सिस्टम उतने सरल नहीं हैं जितने पुराने मैकेनिकल इंजन हुआ करते थे। अब अगर खेत में चलते-चलते ट्रैक्टर में कोई खराबी आ जाती है, तो गांव का सामान्य मिस्त्री उसे पाना-पेचकस से ठीक नहीं कर पाएगा। इसके लिए लैपटॉप, डायग्नोस्टिक टूल और प्रशिक्षित मैकेनिक की जरूरत होगी। ग्रामीण इलाकों में इस तरह के विशेष वर्कशॉप और प्रशिक्षित मैकेनिक आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं। डीलर के पास जाकर इन इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों की मरम्मत करवाना पुराने इंजनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा खर्चीला साबित होगा। डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर (DPF) को भी नियमित अंतराल पर साफ करना या बदलना पड़ेगा, जो खेती की लागत को और बढ़ा देगा।
किसानों के लिए क्या है सही विकल्प: अभी खरीदें या इंतजार करें?
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि जब भी कमर्शियल व्हीकल या कृषि मशीनरी में नए और सख्त उत्सर्जन मानक लागू होने वाले होते हैं, तो बाजार में ‘प्री-बायिंग’ यानी पहले से खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ जाता है। किसान और फ्लीट मालिक महंगी कीमतों से बचने के लिए पुराने नियमों वाले सस्ते वाहन पहले ही खरीद लेते हैं।
अगर आप अगले एक-दो साल के भीतर नया ट्रैक्टर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए यह सबसे अच्छा समय हो सकता है। TREM V के लागू होने और कीमतों के आसमान छूने से पहले, 2025 के अंत या 2026 की पहली तिमाही तक अपनी खरीदारी पूरी कर लेना एक बेहद समझदारी भरा आर्थिक फैसला साबित होगा। इससे न सिर्फ आपके लाखों रुपये बचेंगे, बल्कि आपको एक ऐसा ट्रैक्टर मिलेगा जिसकी सर्विसिंग आपके गांव का जाना-पहचाना मैकेनिक भी आसानी से कर सकेगा।
निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि TREM V उत्सर्जन मानक पर्यावरण सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बहुत ही बेहतरीन और जरूरी कदम है। स्वच्छ हवा हम सबके लिए आवश्यक है। लेकिन भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से कर्ज के बोझ तले दबे छोटे किसानों के लिए यह नियम एक बड़ी आर्थिक चुनौती बनकर सामने आ रहा है। सरकार को पर्यावरण और किसानी के बीच एक ऐसा संतुलन खोजना होगा जिससे हवा भी साफ रहे और अन्नदाता की जेब पर भी भारी कैंची न चले। अगर आप एक किसान हैं, तो हमारी सलाह यही है कि आप बाजार के रुझानों पर नजर रखें और समय रहते अपने कृषि उपकरणों की खरीदारी की योजना बना लें।
People Also Ask (FAQs)
1. TREM V उत्सर्जन मानक क्या है और यह क्यों लागू हो रहा है?
TREM V (ट्रेम-5) एक नया और सख्त सरकारी नियम है जो कृषि मशीनरी और ट्रैक्टरों से निकलने वाले हानिकारक धुएं और प्रदूषण को कम करने के लिए बनाया गया है। इसे इसलिए लागू किया जा रहा है ताकि ग्रामीण और शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता में सुधार किया जा सके और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
2. क्या 1 अप्रैल 2026 से सभी ट्रैक्टरों की कीमतें बढ़ जाएंगी?
संभावना यही है कि 1 अप्रैल 2026 से बड़े ट्रैक्टर (50 HP से ऊपर) महंगे हो जाएंगे। हालांकि, 50 HP से कम वाले छोटे ट्रैक्टरों के लिए सरकार इस नियम को लागू करने की समयसीमा 2028 तक बढ़ा सकती है। यदि यह नियम लागू होता है, तो कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि निश्चित है।
3. TREM V ट्रैक्टरों के इंजन में क्या नई तकनीक इस्तेमाल होगी?
नए TREM V ट्रैक्टरों में पुराने मैकेनिकल इंजन की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंजन लगाए जाएंगे। इनमें कॉमन रेल डायरेक्ट इंजेक्शन (CRDI), एग्जॉस्ट गैस रीसर्कुलेशन (EGR) सिस्टम, डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर (DPF) और सलेक्टिव कैटेलिटिक रिडक्शन (SCR) जैसी आधुनिक और महंगी तकनीक का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
4. क्या मुझे TREM V नियम लागू होने से पहले नया ट्रैक्टर खरीद लेना चाहिए?
हां, यह एक बहुत ही समझदारी भरा फैसला होगा। नए नियम लागू होने के बाद ट्रैक्टर लगभग 1.5 से 2 लाख रुपये तक महंगे हो सकते हैं और उनका रखरखाव भी कठिन हो जाएगा। यदि आपको ट्रैक्टर की आवश्यकता है, तो पुराने नियमों के तहत सस्ता और आसानी से रिपेयर होने वाला ट्रैक्टर अभी खरीदना बेहतर है।
5. छोटे किसानों (50 HP से कम) के लिए सरकार क्या राहत दे सकती है?
भारत में अधिकतर छोटे किसान 50 HP से कम के ट्रैक्टर इस्तेमाल करते हैं। ट्रैक्टर उद्योग और किसान संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि इन ट्रैक्टरों को 2028 तक TREM V से छूट दी जाए। सरकार छोटे किसानों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए एक मध्यवर्ती (इंटरमीडिएट) मानक लागू करने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
प्रश्न 1: भारत सरकार ट्रैक्टरों के लिए कौन सा नया उत्सर्जन मानक लागू करने की योजना बना रही है?
Option A: TREM III
Option B: TREM IV
Option C: TREM V
Option D: TREM VI
Correct Answer: Option C
प्रश्न 2: वर्तमान में 50 हॉर्सपावर (HP) से कम क्षमता वाले ट्रैक्टर किस मानक के अंतर्गत आते हैं?
Option A: TREM IIIA
Option B: TREM IV
Option C: TREM I
Option D: TREM V
Correct Answer: Option A
प्रश्न 3: TREM V मानक लागू होने पर ट्रैक्टर की कीमतों में लगभग कितने प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है?
Option A: 5 से 10 प्रतिशत
Option B: 15 से 20 प्रतिशत
Option C: 30 से 40 प्रतिशत
Option D: 50 प्रतिशत से अधिक
Correct Answer: Option B
प्रश्न 4: नए उत्सर्जन मानकों के तहत इंजन में कौन सा नया सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा?
Option A: कार्बोरेटर
Option B: डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर (DPF)
Option C: मैनुअल ट्रांसमिशन
Option D: पावर स्टीयरिंग
Correct Answer: Option B
प्रश्न 5: ट्रैक्टर उद्योग ने 25 से 50 HP वाले ट्रैक्टरों के लिए TREM V मानक को किस वर्ष तक टालने की मांग की है?
Option A: 2026
Option B: 2027
Option C: 2028
Option D: 2030
Correct Answer: Option C

